
द मेडिसिटी अस्पताल के डॉक्टरों ने रचा इतिहास
न्यूज एंड नॉक ब्यूरो, रुद्रपुर, (ऊधम सिंह नगर)। द मेडिसिटी हॉस्पिटल (The Medicity Hospital) के न्यूरोसर्जरी विभाग ने चिकित्सा जगत में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. एस. के. जैन के नेतृत्व में मेडिकल टीम ने ‘ब्रेन एन्यूरिज्म’ (Brain Aneurysm) जैसी जानलेवा बीमारी से जूझ रहे तीन मरीजों का सफल ऑपरेशन कर उन्हें नया जीवन दिया है।
क्या है ब्रेन एन्यूरिज्म ?
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एस. के. जैन ने बताया कि ब्रेन एन्यूरिज्म मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं की एक गंभीर स्थिति है। इसमें नसें कमजोर होकर फूल जाती हैं और फटने पर ब्रेन हेमरेज (Subarachnoid Hemorrhage) का कारण बनती हैं। अचानक तेज सिरदर्द, उल्टी, बेहोशी या शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी इसके मुख्य लक्षण हैं।
सफल सर्जरी के तीन चुनौतीपूर्ण मामले (Case Studies)
कीर्ति बिष्ट (39 वर्ष): नेपाल निवासी कीर्ति बिष्ट को असहनीय सिरदर्द और उल्टी की शिकायत पर भर्ती किया गया था। जांच में उनके मस्तिष्क की नस (Right MCA Bifurcation) में एन्यूरिज्म और हेमरेज पाया गया। डॉ. जैन ने जटिल क्रेनियोटॉमी (Craniotomy) और एन्यूरिज्म क्लिपिंग प्रक्रिया के जरिए सफल ऑपरेशन किया। मरीज अब पूरी तरह स्वस्थ हैं।
हंस बहादुर (52 वर्ष): बाजुरा (नेपाल) के हंस बहादुर ‘रप्चर्ड एन्यूरिज्म’ (फटी हुई नस) के साथ अस्पताल पहुंचे थे। उनकी स्थिति अत्यंत नाजुक थी। ऑपरेशन के बाद उन्हें लकवा (Hemiplegia) और बोलने में समस्या (Aphasia) जैसे लक्षण आए, लेकिन निरंतर विशेषज्ञ देखभाल और सही मेडिकल मैनेजमेंट से उनकी स्थिति में चमत्कारिक सुधार हुआ और उन्हें स्थिर स्थिति में डिस्चार्ज किया गया।
सुख बहादुर (58 वर्ष): ब्रेन एन्यूरिज्म के बाद सुख बहादुर को कम्युनिकेटिंग हाइड्रोसिफलस (दिमाग में पानी का दबाव बढ़ना) की समस्या हो गई थी। अस्पताल में उनका सफल वी.पी. शंट (V-P- Shunt) ऑपरेशन किया गया, जिससे वे अब पूरी तरह ठीक हैं।
अब बड़े शहरों की दौड़ लगाने की जरूरत नहीं
द मेडिसिटी अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता पर पूरी मेडिकल टीम को बधाई दी। अस्पताल का कहना है कि रुद्रपुर में ही आधुनिक तकनीक और अनुभवी न्यूरोसर्जन उपलब्ध होने से अब कुमाऊं और नेपाल के मरीजों को दिल्ली या अन्य बड़े शहरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है।


