चमोली हादसा: खराब मौसम के बीच पीपलकोटी पहुंचे सीएम धामी

– 3 किमी लंबी सुरंग में मलबा भरा, 19 मजदूर रेस्क्यू, 7 की मौत, 3 अभी भी फंसे

न्यूज एंड नॉक ब्यूरो

चमोली। मायापुर (पीपलकोटी) में टीएचडीसी की निर्माणाधीन विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टनल में अचानक भूधंसाव के बाद भारी मात्रा में मलबा और पानी भर गया। इस हादसे के बाद टनल के अंदर हड़कंप मच गया और कई मजदूर फंस गए। रातभर चले बेहद कठिन राहत एवं बचाव अभियान के बाद अब तक 19 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि 7 लोगों की मौत की दुखद खबर है। टनल के भीतर फंसे शेष 3 लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन युद्धस्तर पर जारी है। इधर खराब मौसम के बावजूद मुख्यमंत्री ने मौके पर पहुंचकर राहत बचाव कार्य की जानकारी ली।

जानकारी के मुताबिक, टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी परियोजना की टीआरटी टनल की कुल लंबाई लगभग 3 किलोमीटर है। टनल के लगभग 1.50 किलोमीटर हिस्से में अचानक भूधंसाव हुआ, जिससे भारी मात्रा में मलबा और पानी अंदर आ गया।

हादसे की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें मौके पर पहुंचीं। टनल में कुल 22 लोगों के फंसे होने की आशंका थी। राहत की बात यह रही कि बचाव कार्य में सहयोग के लिए टनल के अंदर गए सभी 6 बचावकर्मी पूरी तरह सुरक्षित हैं।

क्षेत्र में बेहद खराब मौसम और भारी बारिश के बावजूद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्थिति का जायजा लेने खुद पीपलकोटी पहुंचे हैं। प्रतिकूल मौसम के कारण मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर की लैंडिंग बेहद मुश्किल और जोखिमभरी परिस्थितियों में हो सकी।

मुख्यमंत्री ने मौके पर पहुंचकर टनल में जारी रेस्क्यू ऑपरेशन का स्थलीय निरीक्षण।किया। प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के अधिकारियों से पल-पल की प्रगति रिपोर्ट ली।

सीएम ने कहा कि टनल में फंसे प्रत्येक श्रमिक को सुरक्षित बाहर निकालना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित एजेंसियां और विशेषज्ञ टीमें दिन-रात जुटी हुई हैं।

 

डीएम गौरव कुमार खुद मौके पर डटे

मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार स्वयं घटनास्थल पर मौजूद रहकर पूरे रेस्क्यू अभियान की कमान संभाले हुए हैं। टनल के भीतर मलबा और पानी की दोहरी चुनौती के बीच रेस्क्यू टीमें अत्याधुनिक मशीनों, तकनीकी सहायता और पूरी सावधानी के साथ आगे बढ़ रही हैं। प्रशासन द्वारा प्रभावितों के लिए राहत और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं लगातार जुटाई जा रही हैं।

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