कैंप कार्यालय खुला, सियासी चर्चाओं का दरवाजा भी खुला

– महापौर विकास शर्मा की नई पहल के चुनावी मायने तलाशे जाने लगे

– जनता से सीधा संवाद बढ़ाने की कवायद

न्यूज़ एंड नॉक ब्यूरो

रुद्रपुर। महापौर विकास शर्मा ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर अपने निजी आवास में नगर निगम के कैंप कार्यालय का शुभारंभ किया। पूजा-अर्चना और हवन के साथ शुरू हुए इस कार्यालय को महापौर ने जनता की समस्याओं की सीधे सुनवाई और उनके त्वरित समाधान का माध्यम बताया है। हालांकि, विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच शुरू हुए इस कैंप कार्यालय के सियासी मायने भी तलाशे जाने लगे हैं।

विकास शर्मा रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं और संभावित दावेदारों को लेकर होने वाली चर्चाओं में उनका नाम लगातार सामने आता रहा है। ऐसे में निजी आवास से जनता के लिए अलग संपर्क कार्यालय शुरू करने को उनकी राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने की कवायद के तौर पर भी देखा जा रहा है। नगर निगम का कैंप कार्यालय शुरू होने के बाद शहर के विभिन्न वार्डों से आने वाले लोगों को महापौर से सीधे मुलाकात और समस्याएं रखने का अतिरिक्त माध्यम मिलेगा। सड़क, नाली, सफाई, पथ प्रकाश, पेयजल, निर्माण कार्य और नगर निगम से जुड़े मामलों की यहां सुनवाई की जाएगी।

सियासी नजरिए से देखें तो यह व्यवस्था महापौर को वार्ड स्तर तक जनता से लगातार संपर्क में रहने का अवसर देगी। चुनावी साल में जनता के बीच नियमित मौजूदगी और स्थानीय समस्याओं पर त्वरित सक्रियता किसी भी जनप्रतिनिधि की राजनीतिक जमीन मजबूत करने में अहम मानी जाती है।

कैंप कार्यालय के शुभारंभ में भाजपा के जिलाध्यक्ष, पूर्व मेयर, किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष, वरिष्ठ पदाधिकारियों, पार्षदों, कार्यकर्ताओं और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों की मौजूदगी भी चर्चा का विषय रही। समर्थकों में कार्यक्रम को लेकर उत्साह नजर आया। भाजपा के भीतर रुद्रपुर सीट को लेकर भविष्य की सियासी तस्वीर पर चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं। ऐसे में विकास शर्मा की बढ़ती सक्रियता और जनता के बीच उनकी मौजूदगी को उनके समर्थक मजबूत राजनीतिक आधार के तौर पर पेश कर रहे हैं।

हालांकि विकास शर्मा ने कैंप कार्यालय को चुनाव से जोड़कर कोई घोषणा नहीं की है। उन्होंने इसे जनसेवा और जनता से सीधे संवाद का माध्यम बताया है। इसके बावजूद राजनीतिक हलकों में सवाल यही है कि चुनाव से पहले जनता तक सीधी पहुंच बनाने की यह पहल आने वाले समय में उनकी विधानसभा की सियासी भूमिका को कितना मजबूत करती है।

रुद्रपुर में महापौर की सक्रियता पहले से ही चर्चा में है। अब कैंप कार्यालय के जरिए जनसुनवाई का स्थायी केंद्र बनने से उनकी राजनीतिक गतिविधियों को और गति मिलने की संभावना जताई जा रही है। कुल मिलाकर कैंप कार्यालय भले ही जनसमस्याओं के समाधान के लिए खुला हो, लेकिन रुद्रपुर की सियासत में इसके जरिए विधानसभा चुनाव की संभावित बिसात भी पढ़ी जाने लगी है।

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