– उज्जैन की संस्था ने की सम्मान की घोषणा
न्यूज एंड नॉक ब्यूरो
रुद्रपुर। हिंदी दिवस के अवसर पर सरल काव्यांजलि संस्था, उज्जैन (मध्य प्रदेश) द्वारा वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित ‘श्री रवि प्रभाकर स्मृति’ डिजिटल सम्मान की घोषणा की गई है। लघुकथा विधा में उल्लेखनीय योगदान के लिए यह सम्मान रुद्रपुर, ऊधम सिंह नगर के युवा कवि, लेखक और शिक्षाविद डॉ. खेमकरण सोमन को प्रदान किया गया है।
संस्था के अध्यक्ष डॉ. संजय नागर ने सोशल मीडिया के जरिए इस निर्णय की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि राष्ट्रकवि श्रीकृष्ण ‘सरल’ की स्मृति में वर्ष 2021 से हर साल 14 सितंबर को लघुकथा क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों को यह सम्मान दिया जाता है। इससे पूर्व मृणाल आशुतोष, कल्पना भट्ट, विरेन्दर वीर मेहता, श्री सिद्धेश्वर और राजेन्द्र पुरोहित जैसी जानी-मानी हस्तियों को इस सम्मान से नवाजा जा चुका है।
रुद्रपुर (भूरारानी, वार्ड नं. 32) के निवासी डॉ. खेमकरण सोमन (सुपुत्र स्व. श्रीमती सीता देवी एवं स्व. श्री बुलकी साहनी) कविता, कहानी, लघुकथा, समीक्षा और आलोचना के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उनकी रचनाएँ देश-विदेश की पत्र-पत्रिकाओं, डिजिटल मंचों के साथ-साथ दूरदर्शन और आकाशवाणी से भी प्रसारित होती रही हैं। डॉ. सोमन ने सरदार भगत सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रुद्रपुर से हिंदी में एम.ए. और सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. सावित्री मठपाल के निर्देशन में हिंदी ‘लघुकथा’ विधा पर पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त उन्होंने बी.एड., टीईटी, यूजीसी-सेट, यूजीसी नेट-जेआरएफ की परीक्षाएँ उत्तीर्ण की हैं तथा उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में भी एम.ए. किया है।
वर्तमान में डॉ. सोमन चमोली जिले के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आलम सिंह फरस्वाण राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, तलवाड़ी (थराली) के हिंदी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। उनकी धर्मपत्नी डॉ. पूनम सिंह भी राजकीय महाविद्यालय, टनकपुर (चंपावत) में अर्थशास्त्र विषय की असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। डॉ. सोमन को मिली इस उपलब्धि पर डॉ. शंभू दत्त पांडे शैलेय, सिद्धेश्वर सिंह, किरण अग्रवाल, डॉ. शशांक शुक्ला, डॉ. दिनेश पाठक, डॉ. दिनेश कर्नाटक, पत्रकार जगमोहन रौतेला, प्रेरणा अंशु के कार्यकारी संपादक पलाश विश्वास समेत क्षेत्र के अनेक साहित्यकारों, शिक्षाविदों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं।




