
मुख्य चौक पर त्रिशूल स्थापित कर चर्चा में महापौर
न्यूज एंड नाॅक ब्यूरो, रूद्रपुर। शहर में बड़ा हिंदुवादी चेहरा बनने के लिए दो राजनेताओं के बीच मची होड़ के बीच युवा चेहरे का काम उनका कद बढ़ा रहा है। छात्र राजनीति से सियासत के पायदान पर चढ़े नौजवान के विजन से रूद्रपुर में विकास का पहिया तेजी से दौड़ रहा है।
यहां बात हो रही है एक साल पहले महापौर की कुर्सी को संभालने वाले विकास शर्मा की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बेहद करीबी विकास ने कुर्सी में बैठने के बाद शहर केविकास के लिए विजन के साथ काम करना शुरू किया था।
उन्होंने पार्कों की सूरत को संवारा, वहीं मरम्मत की राह देख रही सड़कों को चकाचक करने का काम किया। एक साल में उन्होंने लावारिश गोवंशीय पशुओं के लिए लंबाखेड़ा में गोशाला, आठ आरोग्य मंदिर, विभिन्न वार्डो में 287 करोड़ से विकास कार्य कराए। यही नहीं भव्य त्रिशूल चैक का निर्माण कराया। उन्होंने लोगों की सहूलियत के लिए जोनल केंद्र भी खोलने की कार्यवाही शुरू की।
यहीं नहीं उन्होंने खेड़ा सहित अन्य जगहों से कईं एकड़ सरकारी जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई। उन्होंने रूद्रपुर आगमन पर शहर के तीन प्रमुख मंदिरों गोलज्यू मंदिर, नीलकंठ धाम और शिवमंदिर को मानसखंड कारिडोर में शामिल कराने,गंगापुर व भूरारानी रोड का चैड़ीकरण, अटरिया चैक से इंद्रा कालोनीतक सड़क निर्माण, खेड़ा में पर्यावरण मित्रों के लिए आवास और गुरू चांद ठाकु स्मृति सहायता कोष को दो करोड़ से बढ़ाकर10 करोड़ कराने की घोषणा कराई।
शहर में विकास कार्यों की फेहरिस्त एक साल में ही लंबी हो चली है। विकास नेे मुख्यमंत्री से तालुकात का इस्तेमाल खुद के हित के बजाए विकास कार्यों की मंजूरी के लिए लगाया।
निजी हित और राजनीतिक द्वेष के उपर उठकर काम करने की वजह से उनकी छवि निर्विवाद बनी हुई है। वे अपने काम से लोगों का दिल जीतने में जुटे हैं। राजनीति की सीढ़ियों में उनके तेजी से बढ़ते कदम ने विरोधियोंकी नींद उड़ा दी है। फिलहाल वे अपने विजन के सहारे न सिर्फ विकास कार्यों की लंबी लकीर खींच रहे हैं बल्कि नेरेटिव सेट करने की कोशिश के बजाए कामों से अलग छवि बनाने में कामयाब जरूर हुए हैं।


