


कैबिनेट मंत्री कैड़ा से सीधा मुकाबला तो अपनों से भी पार पाने की राह नहीं है आसान
धीरज जोशी, हल्द्वानी। भीमताल विधानसभा चुनाव 2022 में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर अपना भाग्य अजमा चुके लाखन नेगी के लिए कांग्रेस ज्वाइनिंग के बाद भी राह आसान पड़ती नहीं दिख रही है। अगर कांग्रेस पार्टी नेगी को आगामी 2027 में अपना प्रत्याशी बनाकर मैदान में उतार भी देती है तो उनको न सिर्फ सीधा मुकाबला भाजपा के विधायक व वर्तमान कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा से ही करना है, बल्कि उन्हें चुनाव जीतने को अपनो से भी अपनी नैया पार लगवाना आसान नहीं रहने वाला है। हालांकि परिणाम जो भी हो मगर भीमताल विधानसभा का आगामी चुनाव दिलचस्प जरूर होने वाला है।
गौरतलब है कि बीते शनिवार को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में भाजपा के पूर्व और निर्दलीय खेमे के कई चेहरों ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। इसमें रुद्रपुर से दो बार भाजपा से विधायक रहे राजकुमार ठुकराल, सितारगंज से दो बार विधायक रहे नारायण पाल, भीमताल विधानसभा से निर्दलीय चुनाव लड़ चुके लाखन नेगी, घनसाली के पूर्व भाजपा विधायक भीमलाल आर्य, मंसूरी के पूर्व पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता, भाजपा रुड़की के पूर्व मेयर गौरव गोयल को कांग्रेस पार्टी की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने पार्टी की सदस्यता दिलाई।
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तराई से पहाड़ चढ़े पनेरू से पार पाना नहीं रहेगा आसान
कभी पूर्व सीएम हरीश रावत तो कभी रुद्रपुर के कद्दावर नेता तिलक राज बेहड़ के कारण तराई की अपनी किच्छा विधानसभा छोड़कर भीमताल विधानसभा पहुंचे पूर्व दर्जा राज्य मंत्री एवं राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरू से पार पाना नेगी के लिए आसान न रहने वाला है। करीब बीते 35 साल से सक्रिय पनेरू बीते पांच सालों से भीमताल विधानसभा में सक्रीय है। वह न सिर्फ लोगों के दुःख सुख में सम्मिलित होते है, बल्कि स्थानीय समस्याओं को भी प्रबलता से उठाते है। उन्होंने तो पहले ही किसी भी हाल में चुनावी मैदान से न मुड़ने का विगुल फूंक रखा है।
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निर्दलीय 12 हजार से ज्यादा वोट पा चुके है लाखन
भीमताल विधानसभा 2022 के चुनाव में निर्दलीय मैदान में उतरकर 12508 वोट पाकर तीसरा स्थान पा चुके है लाखन। जबकि कांग्रेस के प्रत्याशी दान सिंह भंडारी 15788 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे। और विधायक राम सिंह कैड़ा ने 25632 वोट पाकर भाजपा से शानदार जीत दर्ज की थी।
जिला पंचायत रैन कोट प्रकरण से हाइलाइट हुए नेगी
भीमताल विधानसभा के लाखन सिंह नेगी यूं तो स्थानीय गतिविधियों में बढ़चढ़ कर भागीदारी करते ही है। मगर उनका मुख्य रूप से विधानसभा ही नहीं पूरे प्रदेश जबकि देश में हाइलाइट होने का सबसे बड़ा कारण बना बीता जिला पंचायत चुनाव। बता दें नैनीताल जिला पंचायत रैनकोट/अध्यक्ष चुनाव प्रकरण (अगस्त 2025) उत्तराखंड में एक प्रमुख राजनीतिक और कानूनी विवाद रहा है। यह मामला मुख्य रूप से जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में धांधली के आरोपों, मतदान से पहले सदस्यों के कथित अपहरण और हाई कोर्ट के हस्तक्षेप से संबंधित रहा था। नैनीताल में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए बीजेपी की दीपा दरम्वाल और कांग्रेस की पुष्पा नेगी के बीच मुकाबला था। चुनाव के दौरान, 5 जिला पंचायत सदस्यों के अपहरण के आरोप लगे, जिससे भारी हंगामा भी हुआ था। चुनाव में कांग्रेस की प्रत्याशी पुष्पा नेगी लाखन सिंह नेगी की ही धर्मपत्नी थी।
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ये प्रत्याशी भी शामिल हो सकते है भीमताल विधानसभा चुनावी रण में
57 भीमताल विधानसभा में कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा के साथ ही लाखन नेगी, हरीश पनेरू,दान सिंह भंडारी,मनोज साह
, राकेश बृजवासी समेत कई और प्रत्याशी चुनावी रण में उतर अपना भविष्य आजमा सकते है। हालांकि अंतिम दृश्य तो समय के गर्भ में ही छिपा है।

