– मंत्रोच्चार से नहीं मिटता छुआछूत का कलंक!
– हल्द्वानी शुद्धिकरण कांड: एफआईआर दर्ज न होने पर जताई नाराजगी
न्यूज एंड नॉक ब्यूरो
नई दिल्ली। राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व राज्यसभा में सदन के नेता जगत प्रकाश नड्डा को एक पत्र भेजकर हल्द्वानी में हुई शुद्धिकरण की घटना पर सख्त ऐतराज जताया है। पत्र में खरगे ने घटना के 24 दिन बीत जाने के बाद भी दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज न होने पर नाराजगी जाहिर की है।
पत्र में मल्लिकार्जुन खरगे ने उल्लेख किया कि 8 अगस्त 2026 को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में उनकी जनसभा आयोजित की गई थी। इसके बाद संबंधित स्थल पर कथित रूप से शुद्धिकरण की प्रक्रिया कराई गई, जिसे उन्होंने छुआछूत और जातिगत भेदभाव से जुड़ी घणित मानसिकता करार दिया। खरगे ने सदन में हुई चर्चा का स्मरण कराते हुए कहा कि 13 अगस्त 2026 को जब उन्होंने राज्यसभा में यह मुद्दा उठाया था, तब जेपी नड्डा ने इस घटना की भर्त्सना की थी और जांच के बाद सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया था। हालांकि, 24 दिन बीत जाने के बाद भी इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के ऐतिहासिक महाड़ आंदोलन का जिक्र करते हुए लिखा कि मंत्रोच्चार या हवन करने से जातिवादी प्रक्रियाएं पावन नहीं हो जातीं। उन्होंने इसे अपनी निजी पीड़ा के बजाय समाज के करोड़ों लोगों के स्वाभिमान से जुड़ा मुद्दा बताया। कहा किउत्तराखंड के मुख्यमंत्री को निर्देशित कर हल्द्वानी में शुद्धिकरण कराने वाले व्यक्तियों और संगठनों पर तत्काल एफआईआर दर्ज कराई जाए। राज्यसभा में दिए गए आश्वासन के अनुरूप मामले में निष्पक्ष और त्वरित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।




