कुमार ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के मालिक शिवकुमार अग्रवाल ने बताए मिनलर पाॅलिसी के फायदे
बोले, समाज, उद्योग, रियासत के हित में बहुत अच्छी पाॅलिसी
न्यूज एंड नाॅक ब्यूरो, रूद्रपुर। सरकार की मिनरल पाॅलिसी से सरकार ने चार गुना राजस्व मिलने का आंकड़ा सामने रखा है वहीं विपक्ष पाॅलिसी पर तमाम सवाल उठा रहा है। उत्तराखंड के प्रसिद्ध उद्योगपति, समाजसेवी और कुमार ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के मालिक शिवकुमार अग्रवाल ने खनन पाॅलिसी के साथ ही पर्यटन उद्योग पर बेबाक बात रखी।
रूद्रपुर में अपने कार्यालय पर उन्होंने कहा कि उनको 60 सालों का व्यवसायिक अनुभव है। उनकी कंपनी एलएससी इंफ्राटेक लिमिटेड 35 वर्षों से उत्तराखंड में मिनरल एवं माइनिंग सेक्टर में कार्य कर रही हैं और एशिया की सबसे बड़ी मिनरल प्रोसेसिंग कंपनी है। उनके लंबे व्यवसायिक अनुभव में यह पहली बार है कि बीते डेढ़ साल में खनन से उत्तराखंड सरकार को चार गुना राजस्व प्राप्त हुआ है। खनन का राजस्व 300 से बढ़कर 1200 करोड़ हो गया है। इस राजस्व का उपयोग विकास कार्यों में किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पहले सरकार के सिस्टम की कमजोरी से मिनरल की लीकेज और चोरी हो रही थी और स्टोन क्रशिंग इंडस्ट्री को फायदा नहीं हो रहा था। उत्तराखंड में स्टोन क्रशिंग की करीब 400 इकाईयां हैं। ये राज्य का सबसे अधिक रोजगार देने वाला एकमात्र ऐसा उद्योग है, जिससे लगभग 7 लाख परिवार के लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है। इस उद्योग से सरकार को प्रतिवर्ष करीब 10000 करोड़ रूपये का राजस्व, सभी विभागो जीएसटी (4500 करोड रूपये), आबकारी (2300 करोड रूपये), आरटीओ (1600 करोड रूपये) से ज्यादा 10,000 करोड मिल रहा है।
माॅइनिंग विभाग ने टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने के लिए उनसे भी संपर्क किया था मगर उन्होंने स्पष्ट रूप से मना कर दिया था। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और खनन विभाग की टीम ने इस सेक्टर में बहुत बड़ा रिफार्म कर समाज, उद्योग, रियासत के हित में बहुत अच्छी पाॅलिसी बनायी है। वर्तमान मिनरल पालिसी उत्तराखंड के अलावा हिमाचल प्रदेश और राजस्थान में भी लागू है। इससे कई विभागों का भ्रष्टाचार और अनियमितताएं दूर हुई हैं, वहीं प्रदेश को 10 हजार करोड़ रूपये का राजस्व मिल रहा है। ग्राहकांे की परेशानी दूर हुई हंै और उनको भी मिनरल सस्ता मिल रहा है। माईनिंग सेक्टर असंगठित से संगठित हुआ है। ट्रांसपोर्ट और इंडस्ट्री के व्यवसाय की परेशानी दूर होने के साथ ही उनका राहत और फायदा मिला है।
एलएससी इंफ्राटेक से प्रेजेन्टेशन लेकर दूसरे राज्यों ने बनायी एम-सैण्ड पाॅलिसी
उद्योगपति शिव कुमार ने बताया कि उत्तराखण्ड स्टोन क्रेशर के स्वामियों ने टैक्नोलाजी में काफी रिसर्च और डेवलपमेन्ट कर कोरसैण्ड (धूला रेता) तथा एमसैण्ड (मैन्यूफैक्चरिंग सैण्ड) बनाने की तकनीकी विकसित की। आज देश के अन्य राज्य उनकी कंपनी एलएससी इंफ्राटेक से प्रेजेन्टेशन लेकर अपने राज्य में एम-सैण्ड पालिसी बनायी है। मिनरल की मार्केट जो पहले सिकुड कर छोटी हो चुकी थी, रिफार्म होने से इसका जोन उत्तर प्रदेश में बढ़ कर 150 किमी0 तक हो गया है जो कि एक उपलब्धि है। इस इंडस्ट्री का बहुत बडा फायदा यह भी हैं कि जितना भी रेवेन्यू इस इंडस्ट्री से जनरेट होता है वो पूरा राज्य में ही खर्च होता है। अन्य इंडस्ट्री का सारा रेवेन्यू इस राज्य में नहीं लगता है। खनन उद्योग उत्तराखंड के विकास के लिये बहुत महत्वपूर्ण है।
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शहर से बाहर सरकारी जमीन पर घोषित हो स्टोन क्रशर जोन
उद्योगपति शिव कुमार ने कहा कि उत्तराखंड सरकार को इस सेक्टर पर पूरा फोकस कर, भविष्य में भी ज्यादा ध्यान देना चाहिए। इस उद्योग को पूरा सहयोग करना चाहिये। 40 साल पहले लगे कुछ स्टोन क्रशर जो अब शहर के बीच में आ गये हैं, उनको आबादी से बाहर ले जाने की जरूरत है। सरकार को शहर के बाहर सरकारी जमीन में स्टोन क्रशर जोन घोषित करने चाहिये। सरकार को समाज और रियासत के हित में भविष्य के लिए बेहतर प्लानिंग करनी चाहिये। वर्तमान मिनरल पाॅलिसी समाज, उद्योग और प्रदेश के हित में सबसे बेहतरीन पाॅलिसी है।

