


– भाजपा मंडल महामंत्री और भाई की गिरफ्तारी न होने पर कोतवाली का घेराव
– वाल्मीकि समाज के लोगों ने हाईवे को किया सांकेतिक जाम
न्यूज एंड नॉक ब्यूरो
रुद्रपुर। गांधी कॉलोनी के दो युवकों पर हुए जानलेवा हमले का मामला अब बेहद तूल पकड़ चुका है। भाजपा मंडल महामंत्री पारस चुघ और उनके भाई सन्नी चुघ की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित वाल्मीकि समाज का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में उग्र भीड़ ने कोतवाली को घेर लिया, परिसर में ही धरना दिया। इस दौरान लोगों ने नैनीताल हाईवे पर सांकेतिक जाम लगा दिया। स्थिति बिगड़ते देख सीओ अखिलेश कुमार और कोतवाल प्रकाश दानू भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को समझाने-बुझाने की कोशिशों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। लगभग साढ़े चार घंटे चले भारी बवाल के बाद, समाज के लोगों ने पुलिस को अल्टीमेटम देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि यदि सोमवार दोपहर 2 बजे तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो पूरे क्षेत्र में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
दरअसल, पीड़ित अंकित द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी ( के अनुसार, 7 अगस्त की रात उनके भाई अभिषेक वाल्मीकि और बुआ का बेटा जतिन स्कूटी से फ्लाईओवर के पास गए थे। आरोप है कि भुरारानी निवासी सन्नी चुघ ने अपनी स्कॉर्पियो से उनकी स्कूटी को टक्कर मारी और लोहे की रॉड से हमला कर दोनों को लहूलुहान कर दिया। इसके बाद सन्नी ने अपने भाई भाजपा मंडल महामंत्री पारस चुघ को मौके पर बुला लिया। आरोप है कि पारस और उनके साथियों ने भी दोनों युवकों की बेरहमी से पिटाई की और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गाली-गलौज की। हमले में गंभीर रूप से घायल जतिन का इलाज रुद्रपुर में चल रहा है, जबकि अभिषेक को बरेली के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है।
रविवार को कोतवाली परिसर में उस समय स्थिति और तनावपूर्ण हो गई जब जीवन और मौत की लड़ाई लड़ रहे इकलौते बेटे अभिषेक की मां पूजा अचानक गश खाकर गिर पड़ीं। उन्हें तत्काल ई-रिक्शा से अस्पताल पहुँचाया गया। मां की हालत देखकर वाल्मीकि समाज के लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया और उन्होंने तुरंत नैनीताल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। परिजनों का आरोप है कि मां बीते तीन दिनों से न्याय की गुहार लगाते हुए हाथ जोड़ रही हैं, लेकिन सत्ता के दबाव में पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने से बच रही है। इस मामले को लेकर वाल्मीकि समाज के सभी संगठनों ने एकजुट होकर आंदोलन का समर्थन किया है। नगर निगम पर्यावरण मित्र यूनियन शाखा अध्यक्ष सोनू मुल्तानी ने ऐलान किया कि रविवार दोपहर से ही शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप कर दी गई है। सोमवार से नगर निगम, सरकारी विभागों और निजी कार्यालयों में कार्यरत वाल्मीकि समाज का हर कर्मचारी कार्य बहिष्कार पर रहेगा और दोपहर 2 बजे के प्रदर्शन में शामिल होगा।
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हाई-प्रोफाइल ड्रामा: महापौर और कांग्रेस नेता में हाथापाई की नौबत
धरने की सूचना मिलते ही महापौर विकास शर्मा और पूर्व मेयर रामपाल सिंह कोतवाली पहुंचे, जहां कांग्रेस नेता मोहन खेड़ा भी पहले से मौजूद थे। आरोपियों की गिरफ्तारी की समय सीमा को लेकर अचानक महापौर और कांग्रेस नेता के बीच तीखी बहस छिड़ गई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की और हाथापाई तक पहुंच गई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया। इसी बीच, जब भीड़ में से किसी ने महापौर पर समाज का साथ न देने का आरोप लगाया, तो महापौर विकास शर्मा ने बेहद भावुक ऐलान करते हुए कहा कि यदि कोई यह साबित कर दे कि मैं वाल्मीकि समाज के साथ नहीं हूँ, तो मैं तुरंत अपने पद (कुर्सी) से इस्तीफा दे दूंगा। इस घोषणा से वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए। इधर विधायक शिव अरोरा भी कोतवाली पहुंचे और वाल्मीकि समाज के लोगों के साथ खड़े रहने की बात कही।

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36 घंटे बाद भी अभिषेक को नहीं आया होश, एम्स रेफर करने की तैयारी
बरेली के अस्पताल में भर्ती अभिषेक की हालत लगातार चिंताजनक बनी हुई है। हमले के 36 घंटे बीत जाने के बाद भी उसे होश नहीं आया है। डॉक्टरों के अनुसार उसके सिर पर गंभीर चोटें आई हैं और ब्रेन एक्टिविटी बेहद कम है। डॉक्टरों ने परिजनों को उसे तुरंत ऋषिकेश एम्स या दिल्ली के किसी हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी है।
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