कलेक्ट्रेट गेट पर किसानों का कब्जा, तोड़ी बैरिकेडिंग

कलेक्ट्रेट गेट पर किसानों का कब्जा, तोड़ी बैरिकेडिंग कलेक्ट्रेट गेट पर किसानों का कब्जा, तोड़ी बैरिकेडिंग

न्यूज एंड नॉक ब्यूरो

रुद्रपुर। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कलेक्ट्रेट कूच के ऐलान के बाद शुक्रवार को रुद्रपुर में ज़बरदस्त हंगामा हुआ। भारी सुरक्षा व्यवस्था और जिलेभर की पुलिस फोर्स की मौजूदगी के बावजूद उग्र किसानों ने पुलिस का सबसे बड़ा सुरक्षा चक्र ध्वस्त कर दिया। कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर कब्जा जमाते हुए किसानों ने अनिश्चितकालीन/तीन दिवसीय धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। स्थिति को नियंत्रित करने में पुलिस प्रशासन के पसीने छूट गए और पूरे क्षेत्र में घंटों अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

शुक्रवार की दोपहर भाकियू (टिकैत) के प्रदेश अध्यक्ष प्रेम सिंह सहोता की अगुवाई में किसान हाईवे से कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े। पुलिस ने जब उन्हें नैनीताल-हल्द्वानी हाईवे पर रोका, तो गुस्साए किसान भड़क गए। पुलिस प्रशासन ने उन्हें चिह्नित धरनास्थल पर जाने की गुजारिश की, मगर वे नहीं माने।

गुस्साए किसानों ने पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ दी और डीएम कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार की ओर दौड़ पड़े। प्रदर्शनकारियों ने प्रवेश मार्ग पर लगे लोहे के गेट को तोड़ने की कोशिश की। पुलिस और प्रशासन की बेबसी के बीच आखिरकार किसानों ने कलेक्ट्रेट के मुख्य मार्ग के गेट पर अपना कब्जा जमाया और वहीं दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए।

पुलिस और एलआईयू की रणनीति पूरी तरह नाकाम साबित हुई। सुबह से ही खुफिया एजेंसियां किसान नेताओं की लोकेशन ट्रैक कर रही थीं। किसान नेताओं ने पुलिस को चकमा देते हुए रणनीति बनाई थी कि वे केवल कुछ समर्थकों के साथ जिला पंचायत मार्ग से आएंगे। पुलिस उसी मार्ग पर मुस्तैद रही, लेकिन अचानक सैकड़ों की संख्या में किसान नैनीताल-हल्द्वानी मार्ग वाले मुख्य गेट पर आ धमके और देखते ही देखते कलेक्ट्रेट के किले को ध्वस्त कर दिया।

इस विशाल प्रदर्शन और कलेक्ट्रेट घेराव के दौरान मुख्य रूप से जितेंद्र सिंह जित्तू (प्रदेश सचिव, यूथ), जगतार सिंह बाजवा (अध्यक्ष, बीस गांव संघर्ष समिति), गुरजीत सिंह गित्ते (पालिकाध्यक्ष,बाजपुर), गुरसेवक सिंह (जिलाध्यक्ष), राजेंद्र सिंह (ब्लॉक अध्यक्ष), दर्शन सिंह देओल (महासचिव), दीदार सिंह (प्रदेश सचिव), विक्रमजीत सिंह समेत सैकड़ों किसान मौजूद रहे।

भाकियू (टिकैत) की प्रमुख मांगें

1. किसानों के सभी ट्यूबवेलों का बिजली बिल माफ किया जाए और घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट मुफ्त बिजली मिले।

2. कर्ज में डूबे सभी किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ हो।

3. पर्वतीय क्षेत्रों के किसानों को ₹20,000 प्रतिमाह हिल भत्ता दिया जाए।

4. बाजपुर के 20 गांवों की भूमि पर किसानों को मालिकाना हक मिले और खाद, ऋण तथा क्रय-विक्रय पर लगी रोक तुरंत हटाई जाए।

5. बंद पड़ी काशीपुर चीनी मिल के बकाया ₹25 करोड़ का भुगतान हो और गन्ने का मूल्य ₹700 प्रति क्विंटल तय किया जाए।

6. प्रदेश में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों की प्रक्रिया तुरंत बंद हो।

7. सभी वर्गों के किसानों को उनकी भूमि का अधिकार मिले।

 

 

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement