रामलीला मैदान शुद्धिकरण विवाद: कोतवाली पुलिस को सौंपी तहरीर

कांग्रेसियों ने की केस दर्ज करने की मांग

न्यूज एंड नॉक ब्यूरो

रुद्रपुर। रामलीला मैदान में राज्यसभा सांसद व कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद स्थान के ‘शुद्धिकरण’ और छिड़काव करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कोतवाल  को तहरीर सौंपकर दोषियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज करने व तुरंत गिरफ्तारी की मांग की गई है।

महानगर अध्यक्ष ममता रानी की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया है कि गिरीश चंद्र पांडे एवं 15 अन्य लोगों द्वारा सार्वजनिक स्थान पर यज्ञादि कर और गंगाजल छिड़ककर स्थान को ‘अपवित्र’ बताकर शुद्धिकरण की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल की गई। यह कृत्य अनुसूचित जाति/जनजाति के सदस्यों के विरुद्ध घृणा व वैमनस्य की भावना फैलाने और सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के उद्देश्य से किया गया है।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि 13 अगस्त 2026 को राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने इस मामले को प्रमुखता से उठाते हुए इसे छुआछूत को बढ़ावा देना और संविधान के अनुच्छेद 14 व 17 का सीधा उल्लंघन करार दिया था। इसके अतिरिक्त, 26 अगस्त 2026 को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष द्वारा शुद्धिकरण के कृत्य को सही ठहराने वाले बयान पर भी कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है। नेताओं ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ SC/ST एक्ट 1989, भारत के संविधान के उल्लंघन, राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम 1971 और BNS की सुसंगत धाराओं के तहत केस पंजीकृत कर कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए।

ज्ञापन सौंपने और विरोध दर्ज कराने वालों में पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष हिमांशु गाबा, नगर अध्यक्ष ममता रानी, प्रदेश महासचिव संदीप चीमा, योगेश चौहान, पार्षद चिराग कालरा, मोनिका ढाली, सुनील चुग, अशोक मंडल, रंजीत तिवारी, विकास मल्लिक, मोहन कुमार, राजेश ग्रोवर, ललित बिष्ट आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।

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