– फिर भी फाइलों में अटकी राजस्व ग्राम की अधिसूचना
– बिंदुखत्ता में लोगों की पदयात्रा जारी
न्यूज एंड नॉक ब्यूरो
बिंदुखत्ता। राजस्व ग्राम की मांग को लेकर बिंदुखत्ता में ग्रामीणों की पदयात्रा 23वें दिन भी जारी रही। सोमवार को शांतिनगर से शुरू हुई पदयात्रा हल्दूधार होते हुए गांधीनगर स्थित भगवती मंदिर पहुंची, जहां रात्रि पड़ाव किया गया। आयोजकों के मुताबिक पदयात्रा में करीब 1500 ग्रामीण शामिल हुए। जनगीतों और लोकगीतों के बीच ग्रामीणों ने एकजुट होकर राजस्व ग्राम की अधिसूचना जारी करने की मांग उठाई।
नुक्कड़ सभाओं में वन अधिकार संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष भरत नेगी ने कहा कि बिंदुखत्ता की 32 बस्तियों और वन ग्रामों के 11,703 दावेदारों की ओर से वनाधिकार अधिनियम की धारा 3(1)(ज) के तहत सामुदायिक दावा प्रस्तुत किया गया था। उनके अनुसार जिला स्तरीय वन अधिकार समिति ने 19 जून 2024 को दावा सर्वसम्मति से पारित कर राजस्व ग्राम की अधिसूचना और बंदोबस्ती की कार्रवाई के लिए शासन को भेज दिया था।
उन्होंने कहा कि तत्कालीन मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने भी 21 अक्टूबर 2024 को राजस्व ग्राम की अधिसूचना जारी करने की कार्रवाई के लिए राजस्व सचिव को लिखित निर्देश दिए थे। इसके बावजूद मामला आगे नहीं बढ़ने पर ग्रामीणों में नाराजगी है। संगठन का कहना है कि अधिसूचना लंबित रहने से बिंदुखत्ता के ग्रामीण कई सरकारी योजनाओं के पूर्ण लाभ से वंचित हैं।
वन अधिकार संगठन के संरक्षक रमेश गोस्वामी ने कहा कि बिंदुखत्ता का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही गौलापार में राजस्व ग्राम की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे ग्रामीणों से संपर्क करेगा। दोनों क्षेत्रों के आंदोलनों को जोड़कर संयुक्त आंदोलन की रणनीति पर विचार किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर लालकुआं के बजाय हल्द्वानी में संयुक्त रैली आयोजित करने का प्रस्ताव भी रखा जा सकता है। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की कि पदयात्रा के दौरान प्रस्तुत किए जा रहे दस्तावेजों और दावों का संज्ञान लेकर राजस्व ग्राम की अधिसूचना की प्रक्रिया तत्काल पूरी की जाए। पदयात्रा का अगला पड़ाव गांधीनगर स्थित भगवती मंदिर से होगा।




