बाजपुर की अनाथ बालिका विशाखा बनी वन दरोगा

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दिवंगत माता-पिता का सपना भी किया पूरा

न्यूज एंड नॉक संवाददाता, रूद्रपुर। सरकार द्वारा अनाथ बच्चों के लिए निर्गत क्षैतिज आरक्षण के तहत जिले की प्रथम बालिका बन्नाखेड़ा, बाजपुर निवासी विशाखा दिवाकर का वन दरोगा पद पर चयन हुआ है। बुधवार को जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने कैम्प कार्यालय में विशाखा दिवाकर को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया व उज्जवल भविष्य की कामना की। जिलाधिकारी ने कहा कि अन्य बच्चों को भी विशाखा दिवाकर से प्रेरणा लेकर अपने मुकाम को हासिल करना चाहिए। कोई भी कार्य ईमानदारी व लगन से करने पर किसी भी मुकाम पर पहुंचा जा सकता है। सरकार द्वारा असहाय बच्चों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में अनेक योजनाएं चलाई जा रही है। इसी कड़ी में जनपद में बच्चों की पढ़ाई के लिए कोचिंग सेंटरलाइब्रेरी बनायी जा रही है। उन्होने जिला प्रोवेशन अधिकारी को निर्देश दिये कि इस तरह के बच्चों को चिन्हित कर उन्हें प्रोत्साहित करें ताकि हर कोई अपना सपना पूरा कर सकें।

विशाखा दिवाकर ने बताया कि माता-पिता के निधन हो जाने पर बहुत कठिनाईयों का सामना करते हुए शिक्षा ग्रहण की तथा परिश्रम करती रही। उनके माता-पिता का सपना था कि वह अच्छे से बढ़ाई कर राजकीय सेवा में जाये, जो आज पूरा हुआ है। उन्होंने उत्तराखण्ड सरकार एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का धन्यवाद किया है।

अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, जिला विकास अधिकारी सुशील मोहन डोभाल, जिला प्रोवेशन अधिकारी व्योमा जैन, विशाखा दिवाकर के चाचा चन्द्रपाल दिवाकर, चाची कुसुम आदि मौजूद थे।


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