


– अनिश्चितकालीन हड़ताल की दी चेतावनी
न्यूज एंड नॉक ब्यूरो
रुद्रपुर। उधमसिंहनगर जिले में विजिलेंस (सतर्कता अधिष्ठान) द्वारा की गई एक ट्रैप कार्रवाई को लेकर राजस्व और कलेक्ट्रेट कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है। अधिकारियों एवं कर्मचारी संगठनों ने विजिलेंस की इस कार्रवाई को गैर-कानूनी, पूर्वाग्रह से ग्रसित और उत्पीड़नकारी बताते हुए 30 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का बड़ा ऐलान कर दिया है। इस संबंध में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी उधम सिंह नगर को एक ज्ञापन भेजकर विजिलेंस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
जिलाधिकारी को सौंपे गए पत्र के अनुसार, मामला 29 जुलाई की शाम लगभग 3:45 बजे का है। सितारगंज तहसील के वसूली कक्ष में संग्रह अमीन मदन लाल शर्मा एवं सहायक राजस्व लेखाकार भूपेन्द्र सिंह राणा राजस्व बकायेदार अवतार सिंह से बकाया धनराशि वसूल कर रसीद जारी कर रहे थे। कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि इसी दौरान विजिलेंस के अधिकारियों ने वसूली कार्य में हस्तक्षेप किया और नियमानुसार वसूली जा रही धनराशि को फर्जी तरीके से रिश्वत बताकर दोनों कर्मचारियों के खिलाफ ट्रैप की कार्रवाई कर दी। कर्मचारी प्रतिनिधियों ने पत्र में स्पष्ट किया है कि जिस व्यक्ति अवतार सिंह की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई, वह पहले से ही एक चिन्हित राजस्व बकायेदार है। इसके अलावा, वह आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है, जिसके खिलाफ थाना कोतवाली सितारगंज सहित अन्य स्थानों पर कई प्राथमिकी दर्ज हैं। संगठनों का कहना है कि कलेक्शन मैनुअल के धारा 127 के तहत नियमानुसार कार्य कर रहे कर्मचारियों को जानबूझकर फंसाया गया है, जिससे विभाग की छवि धूमिल हुई है।
कर्मचारियों ने मांग रखी है कि इस पूरे प्रकरण में निष्पक्षता के लिए राजस्व विभाग, पुलिस विभाग और वित्त विभाग के एक-एक अधिकारी को मिलाकर एक संयुक्त जांच दल का गठन किया जाए। जब तक जांच पूरी न हो जाए और दोष सिद्ध न हो, तब तक संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ किसी भी तरह की गिरफ्तारी या कानूनी कार्रवाई न की जाए।
मांगों पर त्वरित कार्रवाई न होने की स्थिति में उत्तराखंड संग्रह अमीन संघ, उत्तराखंड राजस्व उपनिरीक्षक एवं राजस्व निरीक्षक संघ और उत्तराखंड कलक्ट्रेट मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी संघ ने संयुक्त रूप से ऐलान किया है कि वे 30 जुलाई 2026 से पूर्ण रूप से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे।
कर्मचारियों का कहना है कि यदि हड़ताल के कारण जनता को कोई असुविधा होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी सतर्कता अधिष्ठान और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों की होगी।

