देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ एआई वीडियो बनाकर प्रसारित करने वालों पर मुकदमा दर्ज कराने समर्थकों के साथ नेहरू कॉलोनी थाना पहुंचे। वे मुकदमा दर्ज होने तक थाना परिसर में जमे रहे। उन्होंने सोशल मीडिया से जानकारी दी कि चार घंटे बाद पुलिस ने कांपते हाथों से उनकी तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया है।
दरअसल, हरीश रावत के खिलाफ कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एआई वीडियो डाला गया था। इस पर उनको एक समुदाय विशेष का हितैषी बताया गया था। 29 सेकेंड की वीडियो के आखिर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बुलडोजर और पुलिस के साथ चलते दिख रहे है।
मंगलवार को नेहरू कॉलोनी थाने पहुंचे हरीश रावत ने कहा कि एआई वीडियो बनाकर उनको देशद्रोही बताया जा रहा है। पाकिस्तान को सूचनाएं देने वाला बताया जा रहा है। एआई से प्रपंच रचकर भाजपा फिर से झूठ का सहारा ले रही है। उन्होंने तय किया कि वे भाजपा के झूठ का पर्दाफाश करेंगे।

इधर, नेहरू कॉलोनी थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद उन्होंने बाकायदा उसकी कॉपी के साथ फोटो अपने सोशल मीडिया अकाउंट में अपलोड की। इसके बाद उन्होंने एसटीएफ के एसएसपी से मिलकर इस मामले में कार्रवाई के लिए शिकायती पत्र सौंपा।

