– नवजात के लिए खाना लेकर अस्पताल जा रहे पिता की हादसे में गई जान
– दशहरे की रात उधमसिंहनगर में 11 मौतों से पसरा मातम
– पोस्टमार्टम हाउस में गूंजती रहीं परिजनों की चीखें
न्यूज एंड नॉक ब्यूरो
रुद्रपुर। किसी घर में दशहरे के मेले की खुशियां थीं, तो कहीं नवजात के जन्म का जश्न था। लेकिन ऊधम सिंह नगर में हादसों ने कई परिवारों की खुशियां मातम में बदल दीं। कहीं पत्नी की मौत से परिवार बिखर गया, तो कहीं जिस बच्चे के जन्म की खुशियां मनाई जा रही थीं, उसके सिर से पिता का साया उठ गया। गुरुवार को रुद्रपुर पोस्टमार्टम हाउस में अपनों को खोने वालों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन रहा। जिले में अलग-अलग घटनाओं में कुल 11 लोगों की मौत हुई। इनमें सड़क दुर्घटनाओं के कई मामले शामिल हैं। इन घटनाओं ने यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रुद्रपुर के गाबा चौक पर बाइक की टक्कर से 44 वर्षीय गुरमीत कौर की मौत हो गई। वह पति बलजीत सिंह और बेटे के साथ दशहरा मेला देखकर घर लौट रही थीं। बताया गया कि रेलवे फ्लाईओवर से उतर रहे तेज रफ्तार बाइक सवार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं।
दो युवकों की मौत, परिवारों में पसरा सन्नाटा
रुद्रपुर के शिमला पिस्तौर में बाइक डिवाइडर से टकराने से दिनेशपुर निवासी 18 वर्षीय सुजल और 25 वर्षीय समीर मंडल की मौत हो गई। दोनों किच्छा की ओर जा रहे थे। वहीं, चंदोला होम्योपैथिक कॉलेज के सामने सड़क किनारे खराब खड़े ट्रक से बचने के प्रयास में बाइक अनियंत्रित हो गई। पीछे से आए ट्रक की चपेट में आने से बरेली निवासी 32 वर्षीय लालता प्रसाद की मौत हो गई, जबकि उनके साथी जंगबहादुर घायल हो गए।
नवजात के लिए खाना लेकर निकले, घर नहीं लौटे रघुवीर
केलाखेड़ा निवासी 28 वर्षीय रघुवीर के बेटे का जन्म हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में हुआ था। वह घर से खाना लेकर अस्पताल जा रहे थे, तभी गदरपुर क्षेत्र में अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में उनकी मौत हो गई। जिस घर में नवजात के आने की खुशियां थीं, वहां पिता की मौत की खबर से मातम छा गया। ट्रांजिट कैंप निवासी 28 वर्षीय दिशांत सरकार की भी दिनेशपुर के हरिदासपुर में दुर्गा पूजा का मेला देखकर लौटते समय सड़क हादसे में मौत हो गई। रात करीब दस बजे अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी।
अन्य घटनाओं में भी गई जान
शांतिपुरी निवासी 55 वर्षीय नरी राम की जहर खाने के बाद उपचार के दौरान मौत हो गई। ट्रांजिट कैंप निवासी 52 वर्षीय श्याम सुंदर की शोरूम में पेंटिंग के दौरान छत से गिरने से जान चली गई। बाजपुर निवासी 61 वर्षीय राजपाल शरण की उपचार के दौरान मौत हो गई। उनके परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं, खटीमा निवासी 32 वर्षीय नवीस का शव लालपुर में सड़क किनारे मिला। उनकी मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। एसएसपी अजय गणपति के अनुसार, जिले में कुल 11 लोगों की मौत हुई, जिनमें छह मामले सड़क दुर्घटनाओं के हैं। दूसरी ओर, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राजेश शुक्ला ने पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद 11 शवों में से नौ की मौत सड़क हादसों में होने की बात कही। दोनों बयानों में आंकड़ों का अंतर सामने आया है।
एसएसपी के निर्देश पर 15 दिन चलेगा चेकिंग अभियान
सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए एसएसपी अजय गणपति ने 15 दिवसीय विशेष चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। पुलिस के अनुसार, पहले चलाए गए अभियान में बिना नंबर प्लेट वाले 137 दोपहिया वाहनों समेत 207 वाहन सीज किए गए थे। नए अभियान में ओवरस्पीडिंग, ट्रिपल राइडिंग, शराब पीकर वाहन चलाने और बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों पर कार्रवाई होगी। सर्दियों में कोहरे से बचाव के लिए रिफ्लेक्टिव टेप लगाने तथा ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और भारी वाहनों के आवागमन संबंधी प्रतिबंधों का पालन कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
राजेश शुक्ला ने उठाए भारी वाहनों की आवाजाही पर सवाल
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राजेश शुक्ला ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रतिबंधित समय में भारी वाहन शहर के भीतर कैसे पहुंचे। उन्होंने एसएसपी से बात कर प्रवेश प्रतिबंध लागू कराने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की। शुक्ला ने कहा कि मृतकों को वापस नहीं लाया जा सकता, लेकिन मुख्यमंत्री से आग्रह कर प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
हादसों के बाद सबसे बड़ा सवाल

दशहरे की रात हुई मौतों ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेष चेकिंग अभियान के साथ तेज रफ्तार, नशे में ड्राइविंग और भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण जरूरी है। क्योंकि हादसे के बाद कार्रवाई तो हो सकती है, लेकिन किसी परिवार से बिछड़ा अपना लौटकर नहीं आता।




