


मुख्यमंत्री धामी ने की थी प्रोजेक्ट्स की शुरुआत, 28 मार्च को दिल्ली में मिलेगा अवॉर्ड
न्यूज एंड नॉक ब्यूरो, देहरादून। प्रदेश की पुष्कर धामी सरकार की ओर से भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग में नए प्रयोगों से रिकॉर्ड राजस्व जुटाने के बाद इन प्रोजेक्ट्स को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। विभाग के दो प्रोजेक्ट्स को प्रतिष्ठित स्कॉच अवॉर्ड के लिए चयनित किया गया है। 28 फरवरी को नई दिल्ली में होने वाले 106वें स्कॉच समिट में सचिव खनन एवं निदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग इस अवार्ड को प्राप्त करेंगे।
दरअसल, खनन विभाग के दो प्रोजेक्ट्स एमडीटीएसएस (Mining Digital Transformation and Surveillance System) व ई-रखन्ना सिक्योरिटी पेपर ने खनन से अभूतपूर्व राजस्व अर्जित किया है। इसके साथ ही अवैध खनन पर काफी हद तक अंकुश लगाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन और खनन निदेशक राजपाल लेघा के नेतृत्व में चल रहे प्रोजेक्ट्स को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। दोनों प्रोजेक्ट का चयन राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित SKOCH Award – India’s Honest Independent Honour के लिए किया गया है। यह सम्मान शासन एवं विकास के क्षेत्र में विशिष्ट और परिणाम आधारित नवाचारों के लिए प्रदान किया जाता है।
खनन निदेशक राजपाल लेघा ने बताया कि यह उपलब्धि मुख्यमंत्री के सक्षम मार्गदर्शन एवं दूरदर्शी नेतृत्व, पारदर्शी कार्यशेली में संभव हो सकी है। उनके निर्देशन एवं सतत समर्थन ने एमडीटीएसएस व ई-रखन्ना सिक्योरिटी पेपर के प्लेटफॉर्म की परिकल्पना से लेकर सफल क्रियान्वयन तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
बताया किएमडीटीएसएस एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफार्म है, जिसे खनिज परिवहन की निगरानी, अनुपालन सुधार तथा वास्तविक समय डेटा विश्लेषण के माध्यम से प्रवर्तन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। इससे खनिज परिवहन की एंड-टू-एंड निगरानी, स्रोत से गंतव्य तक खनिज परिवहन का डिजिटल ट्रैकिंग, ई-ट्रांजिट पास (e-Ravanna / e-Transit Permit) के साथ एकीकरण और अवैध खनन एवं परिवहन की रोकथाम हुई है।
RFID / ANPR आधारित वाहन ट्रैकिंग से चेक-गेट पर स्वचालित वाहन पहचान की जाती है। वेब्रिज (Weighbridge) एकीकरण और ओवरलोडिंग की पहचान की जाती है। केंद्रीकृत कमांड एवं कंट्रोलडैशबोर्ड से सभी खनन परिवहन गतिविधियों की रियल-टाइम निगरानी की जाती है।


