


मेस में पहले भी निकल चुके हैं कीड़े, बैठाई जांच
न्यूज एंड नॉक ब्यूरो
पंतनगर। उत्तराखंड के पंतनगर विश्वविद्यालय के पटेल भवन में बुधवार रात एक बड़ी घटना सामने आई है। यहाँ पटेल छात्रावास की मेस में स्पेशल डाइट के तहत चिकन और पनीर खाने के बाद लगभग 100 से अधिक छात्र फूड प्वाइजनिंग के शिकार हो गए। आनन-फानन में बीमार छात्रों को विवि चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें वापस हॉस्टल भेज दिया गया। हालांकि, दो छात्रों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें रुद्रपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर मामले पर विश्वविद्यालय का कोई भी अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
पटेल भवन में इंजीनियरिंग द्वितीय वर्ष के लगभग 185 छात्र रहते हैं। बुधवार रात करीब 9 बजे लगभग 150 छात्रों ने मेस में खाना खाया था। भोजन के एक से डेढ़ घंटे बाद ही छात्रों को उल्टी-दस्त की शिकायत होने लगी। देखते ही देखते बीमार छात्रों की संख्या बढ़ने पर हॉस्टल मैनेजर, वार्डन और डीएसडब्ल्यू को सूचित किया गया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि विवि की तीनों एंबुलेंस कम पड़ गईं और छात्रों को अस्पताल पहुंचाने के लिए बसों का सहारा लेना पड़ा।
अस्पताल में छात्रों को ड्रिप चढ़ाकर और इंजेक्शन देकर स्थिति को संभाला गया। यह सिलसिला रात भर चलता रहा। छात्रों ने बताया कि वर्तमान में उनकी फाइनल परीक्षाएं चल रही हैं और इस बीमारी के कारण कुछ छात्रों की परीक्षा छूटने की भी नौबत आ गई है।
बीमार छात्रों ने मेस संचालक पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों का कहना है कि मेस में खाना बनाने के लिए घटिया क्वालिटी के सामान का इस्तेमाल किया जाता है। इससे पहले भी दो बार खाने में कीड़े निकल चुके हैं, जिसके बाद विवि प्रशासन ने मेस संचालक पर केवल आर्थिक जुर्माना लगाकर छोड़ दिया था, लेकिन संचालक को बदला नहीं गया।
बुधवार को छात्रों के लिए स्पेशल डाइट का इंतजाम किया था, जिसमें शाकाहारी छात्रों के लिए पनीर और मांसाहारी छात्रों के लिए चिकन, नान और चावल परोसा गया था। लेकिन प्रशासन और मेस संचालक की यही ‘स्पेशल डाइट’ छात्रों की सेहत पर भारी पड़ गई।
घटना की सूचना मिलते ही हॉस्टल वार्डन, डीएसडब्ल्यू और कुलसचिव समेत कई अधिकारी अस्पताल तो पहुंचे, लेकिन मीडिया के सामने इस लापरवाही पर कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं। बताया जा रहा है कि कुलपति ने इस मामले में गंभीर रुख अपनाया है। इस मामले में जांच बैठाने की बात सामने आ रही है।

