


तीन सदस्यीय कमेटी जांच कमेटी करेगी आपत्तियों की सुनवाई
न्यूज एंड नॉक ब्यूरो, रुद्रपुर। त्रिशूल चौक पर लगने वाले जाम से जनता को निजात दिलाने के लिए न्यायालय के आदेश पर प्रशासन ने आगे की कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। महापौर विकास शर्मा ने स्पष्ट किया है कि विकास कार्यों और सड़कों के चौड़ीकरण की राह में आने वाले किसी भी अतिक्रमण को बख्शा नहीं जाएगा। त्रिशूल चौक के समीप स्थित दुकानों को लेकर उपजे विवाद पर महापौर ने कहा कि प्रशासन पूरी पारदर्शिता के साथ न्यायालय के आदेशों का पालन कर रहा है।
महापौर विकास शर्मा ने मीडिया को बताया कि त्रिशूल चौक के पास कुछ दुकानें नगर निगम की हैं, तो कुछ पर अतिक्रमणकारियों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। जिला प्रशासन, लोनिवि और नगर निगम ने संयुक्त रूप से इन कब्जाधारकों को नोटिस जारी किए थे। इन नोटिसों के खिलाफ कुछ दुकानदार माननीय न्यायालय की शरण में गए थे। महापौर ने बताया कि न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी को तीन वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाने का आदेश दिया है।
कहा कि न्यायालय ने दुकानदारों को एक सप्ताह का समय दिया है ताकि वे कमेटी के सामने अपना पक्ष और भूमि से संबंधित साक्ष्य रख सकें। उन्होंने कहा हमने पहले भी कहा था कि यदि किसी के पास अपनी संपत्ति के वैध कागजात हैं, तो वे दिखाएं। इस पूरी प्रक्रिया के लिए 15 दिन का समय नियत किया गया था, यदि जांच में दस्तावेज सही नहीं पाए जाते, तो अतिक्रमण को तत्काल ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
कहा कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर शहर के विकास को रोकना न्यायोचित नहीं है। 15 दिनों की निर्धारित अवधि और कमेटी की रिपोर्ट के बाद नगर निगम अपनी कार्रवाई को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने शहरवासियों को भरोसा दिलाया कि रुद्रपुर की सड़कों को अतिक्रमण मुक्त और सुगम बनाना उनकी प्राथमिकता है और इस दिशा में बिना किसी दबाव के कार्य जारी रहेगा।

