


सीएम धामी की जीरो टॉलरेंस नीति का ऑन-द-स्पॉट ट्रेलर
मुख्य आरोपी है बीजेपी विधायक शिव अरोरा का खास
न्यूज एंड नॉक ब्यूरो
गदरपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को धरातल पर चमकाते हुए एसएसपी अजय गणपति ने अवैध वसूली और रंगदारी के सिंडिकेट पर करारा प्रहार किया है। पुलिस ने डंपर मालिक से वसूली, अपहरण की कोशिश सहित विभिन्न आरोप में नामजद तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस फरार अभियुक्त की तलाश कर रही है।
दरअसल, ग्राम मसीत निवासी फईम अहमद ने पुलिस को।दी तहरीर में बताया कि एक जून को उसका भाई वरीस अहमद रुद्रपुर से घर लौट रहा था। तभी मसीत गांव की सड़क पर मुख्य आरोपी विकास सागर अपने साथियों अमित सागर, प्रदीप दिवाकर और गोलू कोटिया के साथ सफेद रंग की बलेनो कार से वहां आया। इन्होंने वरीस को जबरन कार में ठूंसने की कोशिश की। जब वरीस ने शोर मचाया, तो इन बदमाशों ने उसे जमकर पीटा और उसका मोबाइल लूटकर रफूचक्कर हो गए।
पुलिस की तफ्तीश में सामने आया कि मुख्य आरोपी विकास सागर, पुलिस और प्रशासन की धौंस दिखाकर पीड़ित के भाई से हर महीने ₹35,000 की अवैध वसूली (रंगदारी) करता था। लूटे गए मोबाइल में इस वसूली के ऐसे सबूत (साक्ष्य) थे, जिन्हें मिटाने के लिए ही बदमाशों ने मोबाइल छीना था।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धाराओं (140(3), 62, 352, 351(3), 308(2), 309(4), 3(5), 317(2)) के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
पुलिस ने चार जून को मुखबिर की सूचना पर डिवाइन सिटी कॉलोनी, छतरपुर से तीन आरोपियों विकास सागर सरस्वती इन्क्लेव, भुरारानी रोड, रुद्रपुर, अमित सागर निवासी प्रीत विहार कॉलोनी, रुद्रपुर और प्रदीप दिवाकर निवासी रम्पुरा, रुद्रपुर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर गुलरभोज फ्लाईओवर के पास झाड़ियों में छिपाया लूटा हुआ फोन बरामद करने के साथ ही घटना में प्रयुक्त कार को सीज कर दिया है। मुख्य आरोपी विकास बीजेपी विधायक शिव अरोरा का करीबी है और उस पर पूर्व में भी डंपर स्वामी ने मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस फरार गोलू कोटिया की गिरफ्तारी के लिए जुटी है।
एसएसपी का कड़क संदेश
एसएसपी अजय गणपति ने कहा कि जनपद में किसी भी प्रकार की अवैध वसूली, रंगदारी, गुंडागर्दी एवं कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आमजन एवं वाहन चालकों को भय दिखाकर धन उगाही करने वाले अपराधियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही लगातार जारी रहेगी।

