बदरीनाथ धाम में चढ़ावे में हेराफेरी: वीआईपी प्रोटोकॉल और थाली भेंट का प्रभारी पीए प्रमोद नौटियाल सस्पेंड

Share News

सीएम धामी के निर्देश पर गढ़वाल कमिश्नर को सौंपी गई हाईलेवल जांच

न्यूज एंड नॉक संवाददाता

देहरादून। देश के सबसे प्रतिष्ठित और सर्वोच्च आस्था के केंद्र श्री बदरीनाथ धाम से एक बेहद गंभीर और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। भगवान बदरीविशाल के मंदिर में आने वाले चढ़ावे और वित्तीय प्रबंधन में कथित हेराफेरी के आरोप में बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के तत्काल बाद शासन ने गढ़वाल कमिश्नर की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन कर दिया है, जो 15 दिनों के भीतर सरकार को अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी।

हाल के दिनों में देश के कई बड़े धार्मिक ट्रस्टों और भव्य मंदिरों में वीआईपी प्रोटोकॉल और दान-चढ़ावे के डिजिटलाइजेशन की मांग उठती रही है। पूर्व में अयोध्या के राम मंदिर प्रबंधन से जुड़ी कुछ व्यवस्थागत विसंगतियों और दान पेटियों की मॉनिटरिंग को लेकर सोशल मीडिया और मुख्यधारा की मीडिया में लंबी बहस छिड़ चुकी है, जिसके बाद वहां के सुरक्षा व ऑडिट तंत्र को बेहद कड़ा किया गया था।  अब उत्तराखंड के बदरीनाथ धाम में भी इस तरह की वित्तीय विसंगतियों को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार बेहद सख्त रुख अपना रही है। निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल बदरीनाथ धाम में सबसे संवेदनशील माने जाने वाले ‘प्रोटोकॉल व्यवस्था’ का नोडल अधिकारी था। इसके साथ ही वह ‘थाली भेंट गणना कार्य’ की देखरेख भी कर रहा था।

दरअसल, बदरीनाथ धाम में वीआईपी प्रोटोकॉल संचालन के लिए पांच और थाली भेंट (श्रद्धालुओं द्वारा थाली में अर्पित की जाने वाली नकद राशि व सामग्री) की गिनती के लिए 6 विशेष कर्मचारी तैनात रहते हैं। आरोपी कर्मचारी पूर्व में बीकेटीसी के देहरादून कार्यालय में संबद्ध था, लेकिन चालू यात्रा सीजन में उसे बदरीनाथ धाम में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई थी। शुरुआती आंतरिक ऑडिट में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं और पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही पाए जाने के बाद 3 जुलाई को उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। प्रथम दृष्टया आरोपों की पुष्टि होने पर यह बड़ी कार्रवाई की गई है।निलंबन की अवधि के दौरान प्रमोद नौटियाल को बीकेटीसी के जोशीमठ कार्यालय में संबद्ध किया गया है। सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना उसके मुख्यालय छोड़ने पर रोक लगा दी गई है और जांच में पूर्ण सहयोग के निर्देश दिए गए हैं।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए शासन ने जांच का जिम्मा शीर्ष नौकरशाहों को सौंपा है। सचिव (पर्यटन) धीराज गर्ब्याल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस त्रिस्तरीय उच्चस्तरीय समिति के अध्यक्ष आनंद स्वरूप (आयुक्त, गढ़वाल मंडल), ​कमेटी के सदस्य संदीप तिवारी (प्रबंध निदेशक, एनएचएम) और जगत सिंह चौहान (निदेशक, वित्त – स्वास्थ्य महानिदेशालय) हैं।


Share News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *