नेस्ले इंडिया ने बताया कैसे हर घर की पसंद बनी ‘मैगी’

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– कंपनी के कॉर्पोरेट अफेयर्स बोले, गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता

– कंपनी के सामाजिक पहलों से हजारों लोगों को मिला लाभ

न्यूज एंड नॉक ब्यूरो 

पंतनगर। विख्यात एफएमसीजी कंपनी नेस्ले इंडिया ने देश में गुणवत्ता, खाद्य सुरक्षा और सामाजिक विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को एक बार फिर दोहराया है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि उसके संचालन और उत्पादों में सुरक्षा के उच्चतम मानकों को बनाए रखना उसकी नीति का मुख्य हिस्सा है। कंपनी का गुणवत्ता दृष्टिकोण चार मजबूत स्तंभों पर टिका है, जो उपभोक्ताओं का भरोसा बनाए रखने में मदद करते हैं।

मंगलवार को नेस्ले इंडिया के कॉर्पोरेट अफेयर्स, सस्टेनेबिलिटी और सीएसआर हेड कुंवर हिम्मत सिंह ने मीडिया को बताया कि सभी सरकारी और आंतरिक मानकों का कड़ाई से पालन, उपभोक्ताओं की बदलती प्राथमिकताओं के अनुसार लगातार बेहतरीन उत्पाद देना, उत्पादन के दौरान गलतियों और बर्बादी को न्यूनतम स्तर पर लाना और कंपनी के सभी कर्मचारियों की सुरक्षा और गुणवत्ता के प्रति जवाबदेही मजबूत स्तंभ हैं। भारत के प्रति नेस्ले इंडिया की प्रतिबद्धता गहरी और स्थायी है। हम इसे एक दीर्घकालिक साझेदारी के रूप में देखते हैं, जिसमें हम लोगों और पर्यावरण में निवेश करते हैं। गुणवत्ता और सुरक्षा हमारे हर काम की नींव हैं। ये ऐसी प्राथमिकताएं हैं जिनसे कोई समझौता नहीं किया जा सकता।।

बताया कि भारत में नूडल्स का पर्याय बन चुकी मैगी ने देश में अपने 50 साल से भी अधिक का सफर पूरा कर लिया है। पिछले वित्तीय वर्ष में ब्रांड ने 5.7 अरब से अधिक सर्व्स बेचे, जो इसकी लोकप्रियता को दर्शाता है। उत्तराखंड के पंतनगर में लगभग 25 एकड़ में फैली नेस्ले की अत्याधुनिक फैक्ट्री में मैगी का उत्पादन बेहद सख्त सुरक्षा मानकों के तहत किया जाता है। यहाँ उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्रियों का उपयोग सुनिश्चित किया जाता है।

सामाजिक पहल और सीएसआर के तहत बड़े बदलाव

नेस्ले इंडिया व्यावसायिक सफलता के साथ-साथ सामाजिक विकास और सामुदायिक कल्याण के लिए भी लगातार काम कर रही है। नेस्ले हेल्दी किड्स प्रोग्राम से करीब 15,000 किशोरों और 300 अभिभावकों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष लाभ।मिला है। 135 स्कूलों में बुनियादी ढांचा विकसित किया गया जिससे 37,000 से अधिक छात्रों को फायदा मिला है।उधमसिंहनगर और नैनीताल के नौ स्कूलों में विज्ञान लैब और लाइब्रेरी की स्थापना के साथ ही प्रोजेक्ट सर्व सेफ फूड राज्य के 13 जिलों में 4,400 से अधिक स्ट्रीट फूड वेंडरों को स्वच्छता का प्रशिक्षण दिया जा चुका है।  प्रोजेक्ट हिलदारी नैनीताल शहर में ठोस कचरा प्रबंधन में सहयोग किया जा रहा है।इसके अलावा धराली और उत्तरकाशी में आपदा प्रभावितों को 2,000 ग्रॉसरी किट का वितरण किया गया। कंपनी का।कहना है कि वे भविष्य में भी इसी तरह सस्टेनेबिलिटी और समाज कल्याण के कार्यों को आगे बढ़ाते रहेंगे।

 


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