


– एसएसपी नैनीताल के दफ्तर में हंगामे पर भड़का पुलिस बेड़ा
न्यूज एंड नॉक ब्यूरो
देहरादून। नैनीताल में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में धरना-प्रदर्शन के दौरान हुई अभद्रता और गाली-गलौज के मामले में राज्य के पुलिस महकमे में भारी आक्रोश है। उत्तराखंड आईपीएस ऑफिसर्स एसोसिएशन, उत्तराखंड प्रांतीय पुलिस सेवा एसोसिएशन और पुलिस पेंशनर्स कल्याण समिति** ने एक स्वर में इस घटना की कड़े शब्दों में भर्त्सना और निंदा की है।
दरअसल, 8 अगस्त को हल्द्वानी स्थित एसएसपी नैनीताल के कैंप कार्यालय में धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और प्रांतीय पदाधिकारियों द्वारा कथित तौर पर अमर्यादित, अशोभनीय व्यवहार और गाली-गलौज करने का मामला सामने आया। आरोप है कि एसएसपी की गैर-मौजूदगी में भी उनके प्रति धमकीभरी भाषा और अभद्र शब्दों का प्रयोग किया गया। इस मामले में बीजेपी ने कई जगहों पर कांग्रेस का पुतला फूंका था।
उत्तराखंड आईपीएस ऑफिसर्स एसोसिएशन के कार्यकारी सचिव बरिन्दरजीत सिंह द्वारा जारी बयान में कहा गया कि लोकतंत्र में विरोध और असहमति दर्ज कराने का अधिकार सभी को है, लेकिन इसकी आड़ में किसी लोक सेवक के साथ अभद्रता, गाली-गलौज या सरकारी कार्यालय की गरिमा भंग करना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने इसे पुलिस सेवा की संस्थागत गरिमा का गंभीर अपमान बताया।
प्रांतीय पुलिस सेवा एसोसिएशन के अध्यक्ष स्वतंत्र कुमार सिंह ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के दौरान मर्यादा, शालीनता और संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान का पालन आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि असहमति व्यक्त करने का तरीका लोकतांत्रिक होना चाहिए, और इस प्रकार का व्यवहार कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाले तंत्र का अपमान है।
पुलिस पेंशनर्स कल्याण समिति ने चिंता व्यक्त की कि यदि अधिकारियों को इस प्रकार के राजनीतिक दबाव और अपमान का सामना करना पड़ेगा, तो इससे संपूर्ण पुलिस बल के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

