ऑपरेशन हॉटस्पॉट: 7 दिन, 820 बैंक खाते और 1000 से ज्यादा एटीएम लोकेशन

– साइबर अपराधियों के खिलाफ उत्तराखंड पुलिस का बड़ा प्रहार

– एसटीएफ ने पकड़ा नवादा ग्रुप, बंद कराए 1200 से अधिक संदिग्ध सिम और आईएमईआई

न्यूज एंड नॉक ब्यूरो

देहरादून। पुलिस मुख्यालय के निर्देशों पर उत्तराखंड पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने प्रदेशव्यापी 7 दिवसीय ऑपरेशन हॉटस्पॉट चलाकर साइबर अपराध के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया है। 24 अगस्त से 1 सितंबर तक चले इस विशेष अभियान के तहत साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर करने, निकालने और फर्जी सिम-आईएमईआई उपलब्ध कराने वाली पूरी कड़ी पर एक साथ कार्रवाई की गई।

इस कार्यवाही में 820 संदिग्ध बैंक खातों के सत्यापन के बाद 159 प्राथमिक दर्ज की गईं। ठगी की रकम कैश कराने वाले 1,236 एटीएम स्थलों की जांच कर 32 मामले और 84 चेक निकासी स्थलों की जांच कर 37 मामले दर्ज किए गए। अपराध में इस्तेमाल हो रहे 644 फर्जी सिम और 630 आईएमईआई नंबरों को बंद (ब्लॉक) कराया गया। साथ ही फर्जी सिम बांटने वाली 22 दुकानों की जांच कर 10 एफआईआर दर्ज की गईं। अभियान के दौरान 10 प्रमुख साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।

हरिद्वार के श्यामपुर थाना पुलिस ने संगठित साइबर फ्रॉड गिरोह नवादा ग्रुप के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया। इस गिरोह के तार 200 से अधिक संदिग्ध बैंक खातों से जुड़े थे। अभियुक्तों के पास से 45 एटीएम कार्ड, 20 बैंक पासबुक, 2 लैपटॉप और 17 मोबाइल बरामद किए गए। इसके अलावा कोटद्वार में 3.86 लाख रुपये की फॉरेक्स ट्रेडिंग ठगी के आरोपी आशीष रिचर्ड को गिरफ्तार किया गया, जिसके 8 खातों से करीब 1.50 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेन-देन मिला।

अंतरराज्यीय अपराधियों की मैपिंग के लिए 240 अपराधियों का डेटा समन्वय पोर्टल पर अपलोड किया गया, जिससे 100 से अधिक अंतरराज्यीय साइबर अपराधों के लिंक उजागर हुए। राष्ट्रीय स्तर पर साइबर मामलों की समीक्षा में उत्तराखंड ने देश में चौथा स्थान हासिल किया है। वर्ष 2026 में अब तक साइबर हेल्पलाइन 1930 के माध्यम से लगभग 23.44 करोड़ रुपये की ठगी राशि को डूबने से बचाया गया।

27 अगस्त को आयोजित वर्चुअल जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश के 1,100 से अधिक सरकारी विद्यालयों के 1.75 लाख छात्रों को जागरूक किया गया। अभियान के अंतिम चरण में 2 सितंबर को राज्यभर में चिन्हित बैंक खाताधारकों की थानों में काउंसलिंग की गई। 3 सितंबर को देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल के संवेदनशील इलाकों में लगभग 2,000 पुलिसकर्मियों के बल के साथ छापेमारी कर 300 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।

पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन हॉटस्पॉट के समापन के बाद भी साइबर अपराधियों, उनके मददगारों और फर्जी खातों की आपूर्ति करने वालों के खिलाफ यह सख्त अभियान लगातार जारी रहेगा।

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