


सास-बहू गिरफ्तार, मुख्य आरोपी समेत पांच भाई फरार
न्यूज एंड नॉक ब्यूरो
जसपुर। कोर्ट के गैर-जमानती वारंट की तामीली के लिए दबिश देने गई पुलिस टीम पर वारंटी के परिजनों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियार से जानलेवा हमला कर दिया। इस खूनी संघर्ष के बीच आरोपी पुलिस की गिरफ्त से फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी की मां और पत्नी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि पांच अन्य हमलावर फरार हैं।
जानकारी के अनुसार, जसपुर के भोगपुर डाम नंबर-2 निवासी सुखविंदर सिंह पुत्र बिशन सिंह के खिलाफ माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट जसपुर द्वारा आबकारी अधिनियम के तहत गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था। अदालत ने 16 मई 2026 की तिथि नियत की थी। शुक्रवार की रात पतरामपुर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक गोविंद सिंह मेहता और कांस्टेबल सुभाष डुंगरियाल मुखबिर की सूचना पर वारंटी सुखविंदर को उसके घर के आंगन से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने जैसे ही सुखविंदर को पकड़ा, उसने जोर-जोर से चिल्लाकर अपने भाइयों और परिवार को आवाज दे दी। देखते ही देखते सुखविंदर की मां शिलो कौर, पत्नी मनजीत कौर, भाई मंगत सिंह, चचेरे भाई संदीप सिंह, राजू सिंह और जगपाल सिंह उर्फ जस्सा लाठी-डंडे और धारदार पाठल लेकर पुलिस टीम पर टूट पड़े। इस दौरान आरोपी की मां शिलो कौर ने दरोगा गोविंद मेहता के हाथ से कोर्ट का वारंट छीनने की कोशिश की, जिससे वारंट का हिस्सा फट गया।
जब पुलिस टीम आरोपी को ले जाने लगी, तो सभी ने एकराय होकर पुलिसकर्मियों को घेरकर पीटना शुरू कर दिया। इसी बीच आरोपी संदीप सिंह ने अपने हाथ में लिए पाठल से पुलिस टीम पर सीधा जानलेवा वार कर दिया। उपनिरीक्षक गोविंद मेहता और कांस्टेबल सुभाष ने सूझबूझ से किसी तरह खुद को बचाया। हंगामे का फायदा उठाकर वारंटी सुखविंदर पुलिस की हिरासत से भाग निकला।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने तत्काल मामले का संज्ञान लिया और जसपुर कोतवाली प्रभारी को हमलावरों के खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी के आदेश दिए। पुलिस टीम ने घटना में शामिल दो महिला आरोपियों को शीलो कौर मुख्य आरोपी सुखविंदर की मां और मंजीत कौर मुख्य आरोपी सुखविंदर की पत्नी को गिरफ्तार किया
पुलिस के अनुसार मुख्य वारंटी सुखविंदर सिंह, उसका भाई मंगत सिंह, चचेरे भाई संदीप सिंह, राजू सिंह और जगपाल सिंह उर्फ जस्सा फिलहाल फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों का गठन कर दबिश दी जा रही है।

