


दहेज के लिए तीन माह की गर्भवती पत्नी को उतारा मौत के घाट
न्यूज एंड नॉक ब्यूरो
रूद्रपुर। तीन माह की गर्भवती पत्नी की गला दबाकर हत्या करने के मामले में अदालत ने दोषी पति पर बड़ा फैसला सुनाया है। तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मुकेश चंद्र आर्य की अदालत ने आरोपी पति को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
यह मामला दिनेशपुर के कालीनगर का है। लक्खी कॉलोनी, मानपुर ओझा, बिलासपुर, यूपी के रहने वाले दीपांकर विश्वास ने अपनी बहन ज्योति की शादी 25 अप्रैल 2022 को कालीनगर निवासी मिथुन मंडल के साथ की थी। शादी के कुछ समय बाद ही पति मिथुन कम दहेज का ताना मारकर ज्योति को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगा। आरोपी पति ने ज्योति पर मायके से एक लाख रुपये नगद और एक बाइक लाने का दबाव बनाया। जब ज्योति ने अपने परिवार की गरीबी का वास्ता दिया, तो उसके ऊपर जुल्म और बढ़ गए।
पांच अगस्त 2022 को भाई दीपांकर को खबर मिली कि उसकी बहन की तबीयत बहुत खराब है। जब वह आनन-फानन में ज्योति के ससुराल पहुंचा, तो नजारा देखकर दंग रह गया। ज्योति फर्श पर अचेत अवस्था में पड़ी थी और उसका पति मिथुन पास ही खड़ा मूकदर्शक बना तमाशा देख रहा था।
ज्योति को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वह उस वक्त 3 महीने की गर्भवती थी। भाई का सीधा आरोप था कि दहेज की मांग पूरी न होने पर उसकी बहन की गला दबाकर हत्या की गई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) लक्ष्मी नारायण पटवा ने अदालत के सामने अभियोजन पक्ष की ओर से 12 मजबूत गवाह पेश किए।
दोनों पक्षों की दलीलें और सबूतों को देखने के बाद अदालत ने माना कि ज्योति को दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया था और उसकी मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई। कोर्ट ने दोषी पति मिथुन मंडल को दहेज हत्या (धारा 304-ख) के तहत सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।

