गोली चली… मौत हुई… फिर मिटाए खून के निशान

– मेहविश हत्याकांड में पिता और दो बेटियां हुई गिरफ्तार

– छीनाझपटी में चली थी गोली, घटना छिपाने की कोशिश

न्यूज एंड नॉक ब्यूरो

काशीपुर। महुआखेड़ागंज क्षेत्र में युवती मेहविश की गोली लगने से हुई मौत के मामले में आईटीआई थाना पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 12 बोर का अवैध तमंचा और एक खोखा कारतूस भी बरामद किया है।

पुलिस के मुताबिक, 10 सितंबर को महुआखेड़ागंज क्षेत्र में मेहविश की गोली लगने से मौत हो गई थी। मामले में मृतका के परिजन फईम हुसैन की तहरीर पर 11 सितंबर को आईटीआई थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ऊधमसिंहनगर अजय गणपति ने पुलिस टीम गठित कर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे।

पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही थी। 12 सितंबर को मुखबिर की सूचना पर अलीगंज रोड से पीपल गांव जाने वाले रास्ते पर राधास्वामी सत्संग के पास घेराबंदी कर तीन नामजद आरोपियों साजिद, उसकी बेटी सबीना और फिजा निवासी ग्राम मड़ैया देवी, महुआखेड़ागंज को गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ में पुलिस के सामने घटना से जुड़ी कई अहम बातें सामने आईं। पुलिस के अनुसार, घटना के दौरान साजिद की छोटी बेटी और मेहविश के बीच छीनाझपटी हुई। इसी दौरान साजिद के पास मौजूद तमंचे से गोली चल गई, जो मेहविश को लगी और उसकी मौत हो गई।

पुलिस का दावा है कि घटना के बाद साजिद और उसकी बेटी फिजा ने फर्श पर पड़े खून के धब्बों को मिटाने का प्रयास किया। इसके बाद साजिद ने मृतका के शव को अपने घर से हटाकर उसके घर पहुंचाया, ताकि घटनास्थल बदला जा सके। तीनों आरोपी इसके बाद फरार होने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।

पूछताछ में साजिद ने बताया कि 12 बोर का तमंचा उसने करीब छह महीने पहले महुआखेड़ा निवासी जमील से लिया था। पुलिस ने उसके कब्जे से तमंचा और एक खोखा कारतूस बरामद किया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की है। मामले की विवेचना जारी है।

पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक मोहन चंद्र पांडेय, चौकी प्रभारी पैगा विक्रम सिंह धामी, उपनिरीक्षक दीपक चौहान सहित हरीश नेगी, जगदीश दुगताल, राधा गोस्वामी और धर्मेंद्र भारती पुलिस टीम में शामिल रहे।

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