प्रेमी ने बनाया था मानसिक दबाव, दूसरे ने पेट्रोल और लाइटर पहुंचाया

 

– सितारगंज में महिला की जिंदा जलकर मौत का खुलासा, 6 ऑडियो रिकॉर्डिंग ने खोली पूरी कड़ी

– टुकटुक में खुद को आग लगाने से पहले की पूरी कहानी सामने आई, चार साल के प्रेम संबंध में आया ट्विस्ट

– पीछा छुड़ाने की कोशिश और प्रेम-जाल में फंसाने की साजिश के बीच सरस्वती की मौत

न्यूज एंड नॉक ब्यूरो

सितारगंज। बाईपास रोड पर टुकटुक में आग लगने से महिला सरस्वती की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस की विवेचना में सामने आया कि घटना से पहले सरस्वती पर लगातार मानसिक दबाव बनाया जा रहा था, जबकि घटना से ठीक पहले उसे पेट्रोल और लाइटर उपलब्ध कराने तथा प्रेमी के टुकटुक तक पहुंचाने की कड़ी भी सामने आई। मामले में पुलिस ने पवित्र सरकार उर्फ कन्हई और जितेंद्र उर्फ बंकिम सरकार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच में 6 ऑडियो रिकॉर्डिंग, सीडीआर, सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों ने अहम भूमिका निभाई। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों की अलग-अलग भूमिका सामने आई।

15 अगस्त को सितारगंज बाईपास रोड पर एक टुकटुक में आग लगने की सूचना पुलिस को मिली थी। मौके पर पवित्र सरकार और सरस्वती गंभीर रूप से झुलसे मिले। दोनों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। सरस्वती 80-90 प्रतिशत झुलसी थी और बाद में उसे एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया, जहां 19 अगस्त को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतका के पिता दयाल चंद्र मंडल की तहरीर पर सितारगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।

विवेचना में सामने आया कि सरस्वती और पवित्र सरकार के बीच करीब तीन से चार साल से प्रेम संबंध थे। पुलिस के अनुसार, पवित्र की पत्नी और परिवार को इसकी जानकारी होने के बाद विरोध शुरू हो गया था। इसके बाद पवित्र ने सरस्वती से बातचीत कम कर दी और मोबाइल नंबर भी बंद कर दिया। पुलिस का कहना है कि इससे पहले पवित्र द्वारा सरस्वती पर संबंध बनाए रखने और विवाह के लिए दबाव डाला जाता था। आत्महत्या करने जैसी धमकियां देने के तथ्य भी विवेचना में सामने आए। वहीं सरस्वती ने अपनी मां से पवित्र द्वारा परेशान किए जाने की बात कही थी। पुलिस के अनुसार, इन परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पवित्र सरकार की भूमिका आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण के मामले में सामने आई और संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई।

जांच के दौरान पुलिस को सरस्वती के मोबाइल फोन में घटना वाले दिन जितेंद्र के साथ हुई छह ऑडियो रिकॉर्डिंग मिलीं। पुलिस के मुताबिक, इन रिकॉर्डिंग में पेट्रोल की व्यवस्था, बोतल में पेट्रोल भरने, लाइटर साथ रखने और तत्काल मिलने को लेकर बातचीत सामने आई। विवेचना में यह भी सामने आया कि जितेंद्र सरस्वती को पहले से जानता था और दोनों एक कंपनी में साथ काम कर चुके थे। पुलिस के अनुसार, जितेंद्र सरस्वती को पसंद करता था और उससे शादी करना चाहता था, जबकि सरस्वती उसे दोस्त मानती थी और पवित्र से प्रेम करती थी।

पुलिस के मुताबिक, 15 अगस्त को जितेंद्र मोटरसाइकिल से सरस्वती को सितारगंज लेकर आया। वहां उसने कोल्ड ड्रिंक की बोतल में पेट्रोल भरा और वह पेट्रोल सरस्वती को उपलब्ध कराया। इसके बाद सरस्वती ने पवित्र के टुकटुक का पीछा करने को कहा। जितेंद्र उसके पीछे गया और गोल चौराहे के आगे पवित्र के टुकटुक को रोक दिया। इसके बाद सरस्वती पेट्रोल की बोतल और लाइटर लेकर पवित्र के टुकटुक में बैठ गई। जितेंद्र वहां से चला गया। बाद में उसी टुकटुक में आग लगने की घटना हुई।

पुलिस ने उपलब्ध ऑडियो रिकॉर्डिंग, सीडीआर, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जितेंद्र की भूमिका को आत्महत्या के लिए आवश्यक साधन उपलब्ध कराने और घटना से ठीक पहले सहायता करने से जोड़ते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई की।

पवित्र सरकार उर्फ कन्हई को 14 सितंबर को गिरफ्तार किया गया, जबकि जितेंद्र उर्फ बंकिम सरकार को 15 सितंबर को हिरासत में लिया गया। घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी पुलिस ने कब्जे में ली। न्यायालय में पेशी के बाद दोनों को जिला कारागार हल्द्वानी भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार, मामले में दोनों आरोपियों की भूमिका अलग-अलग सामने आई है। पवित्र पर मानसिक दबाव, संबंध और विवाह के लिए दबाव तथा आत्महत्या की धमकियों से जुड़ी भूमिका सामने आई, जबकि जितेंद्र की भूमिका पेट्रोल उपलब्ध कराने और सरस्वती को पवित्र के टुकटुक तक पहुंचाने से संबंधित पाई गई है।

 

 

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