– बांग्लादेशी साइबर अपराधियों से जुड़े तार
न्यूज एंड नॉक ब्यूरो
ऊधम सिंह नगर। उत्तराखंड एसटीएफ की साइबर कुमाऊं इकाई ने बाजपुर में अवैध सिम बॉक्स टेलीफोन गेटवे का भंडाफोड़ किया है। एसटीएफ के मुताबिक, उत्तराखंड में पहली बार सिम बॉक्स के जरिए विदेशी और इंटरनेट कॉल को भारतीय स्थानीय मोबाइल नंबर में बदलने वाले नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। कार्रवाई में 114 एयरटेल सिम कार्ड, दो सिम बॉक्स, 77 एंटीना, इंटरनेट राउटर, मोबाइल फोन और अन्य दूरसंचार उपकरण बरामद किए गए हैं।
एसटीएफ ने मौके से कादिर (24) पुत्र जाबिर अली, निवासी मिलक जुम्मावाली, थाना भगतपुर, जिला मुरादाबाद को गिरफ्तार किया है। आरोपी बाजपुर के मुड़िया क्षेत्र में ईदगाह के पास एक मकान से कथित तौर पर अवैध टेलीफोन गेटवे संचालित कर रहा था।
जांच में सामने आया कि सिम बॉक्स के जरिए विदेशी और इंटरनेट कॉल को भारतीय स्थानीय मोबाइल कॉल में बदला जा रहा था। इसके चलते कॉल पाने वाले व्यक्ति के मोबाइल पर विदेशी नंबर की जगह भारतीय मोबाइल नंबर दिखाई देता था। एसटीएफ के अनुसार, इससे कॉल करने वाले की वास्तविक पहचान और स्थान छिपाने में मदद मिलती थी।
जांच में यह भी सामने आया कि गेटवे में अलग-अलग लोगों की पहचान का दुरुपयोग कर हासिल किए गए सिम कार्ड इस्तेमाल किए जा रहे थे। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी के बांग्लादेश के साइबर अपराधियों से संपर्क होने और उनके जरिए आर्थिक लाभ लेने की जानकारी सामने आई है। आरोपी ने करीब सात माह से यह गेटवे संचालित करने की बात बताई है।
डिजिटल गिरफ्तारी और साइबर ठगी में इस्तेमाल
एसटीएफ के अनुसार सिम बॉक्स तकनीक का इस्तेमाल विदेशी और इंटरनेट कॉल को स्थानीय नंबर के रूप में दिखाने के अलावा डिजिटल गिरफ्तारी, फर्जी अधिकारी बनकर ठगी और अन्य साइबर अपराधों में किया जा सकता है। अवैध दूरसंचार गेटवे के जरिए सरकार और दूरसंचार कंपनियों को आर्थिक नुकसान पहुंचाने का भी मामला सामने आया है।
2023 में भी इसी तरह के मामले में पकड़ा जा चुका आरोपी
पुलिस के मुताबिक कादिर पहले भी साइबर अपराधियों के संपर्क में रहा है। वर्ष 2023 में थाना कटघर, मुरादाबाद में सिम बॉक्स के जरिए अवैध टेलीफोन गेटवे संचालित करने के मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था। उसके खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों से संबंधित धाराओं के साथ भारतीय तार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। इसी मामले से जुड़े गैंगस्टर अधिनियम के तहत भी मुकदमा दर्ज है। वर्तमान में आरोपी जमानत पर था। एसटीएफ अब आरोपी के विदेशी संपर्क, साइबर नेटवर्क, बैंक खातों और अन्य सहयोगियों की भूमिका की जांच कर रही है। फर्जी दस्तावेजों पर सिम उपलब्ध कराने वाले एजेंटों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
ये सामान हुआ बरामद
2 सिम बॉक्स, 32-32 स्लॉट वाले, 77 सिम बॉक्स एंटीना, 114 एयरटेल सिम कार्ड, एयरटेल इंटरनेट राउटर, सैमसंग ए-35 मोबाइल तार और जोड़ने वाले उपकरण, बिजली के अनुकूलक और तार, फाइबर तार और माध्यम परिवर्तक, विस्तार बोर्ड समेत अन्य दूरसंचार उपकरण





