सड़क बनी पुल नहीं, जान जोखिम में डाल भविष्य संवार रहे ग्रामीण

– स्याल्दे के भावर क्षेत्र में मसान गढ़ी नदी बनी बच्चों की राह का रोड़ा

– लकड़ी के गिल्टों से बनाया अस्थायी पुल; ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

न्यूज एंड नॉक ब्यूरो

अल्मोड़ा। पहाड़ के दुर्गम गांवों में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली आज भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है। स्याल्दे ब्लॉक के भावर क्षेत्र में देघाट से मालभिड़ा तक सड़क बनने के बावजूद मसान गढ़ी नदी पर पुल नहीं बनने से ग्रामीणों की परेशानी दूर नहीं हुई है। हालात यह हैं कि ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ रही है। स्कूली बच्चों के लिए यह चुनौती रोजाना की मजबूरी बन गई है। स्थायी पुल नहीं बनने से परेशान ग्रामीणों ने लकड़ी के गिल्टों की मदद से अस्थायी पुल तैयार किया है।

ग्रामीणों के अनुसार, देघाट से मालभिड़ा तक करीब पांच किलोमीटर सड़क का निर्माण तीन वर्ष पहले किया गया था। सड़क बनने से क्षेत्र के लोगों को आवागमन की सुविधा मिलने की उम्मीद जगी थी, लेकिन नारायण मंदिर के पास मसान गढ़ी नदी पर पुल नहीं बनने से यह उम्मीद पूरी नहीं हो सकी। सड़क होने के बावजूद नदी पार करना ग्रामीणों की मजबूरी बना हुआ है। सामान्य दिनों में नदी में पानी कम होने पर लोग किसी तरह इसे पार कर लेते हैं, लेकिन बारिश के दौरान जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के कारण खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में नदी पार करना कभी भी बड़े हादसे की वजह बन सकता है।

क्षेत्र के एकमात्र राजकीय इंटर कॉलेज मालखेत तक पहुंचने के लिए बच्चों को करीब तीन किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। रास्ते में मसान गढ़ी नदी पड़ती है, जहां पुल नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को रोजाना जोखिम उठाना पड़ता है। बरसात में नदी का जलस्तर बढ़ने पर बच्चों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। अभिभावकों को भी उनकी सुरक्षा की चिंता सताती रहती है।

 

लकड़ी के गिल्टों से बनाया अस्थायी पुल

स्थायी पुल के अभाव में ग्रामीणों ने लकड़ी के गिल्टों की मदद से अस्थायी पुल तैयार किया है, ताकि रोजमर्रा की आवाजाही हो सके। हालांकि, यह व्यवस्था सुरक्षित आवागमन का स्थायी विकल्प नहीं है। नदी में पानी बढ़ने या बहाव तेज होने पर इस अस्थायी इंतजाम से गुजरना भी खतरनाक साबित हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि चौकोट क्षेत्र ने आजादी के आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, लेकिन दशकों बाद भी यहां बुनियादी सुविधाओं की कमी बनी हुई है। सड़क बनने के बाद पुल का निर्माण नहीं होने से ग्रामीणों को उसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने मसान गढ़ी नदी पर जल्द स्थायी पुल बनाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।

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