गुरूजनों के अनुभव से संवारेंगे शहर और युवाओं का भविष्य: विकास शर्मा

– नगर निगम में आयोजित भव्य समारोह में 100 से अधिक सेवानिवृत्त शिक्षक सम्मानित

– युवाओं के लिए डिजिटल लाइब्रेरी और रोजगारपरक प्रशिक्षण की बनाई जा रही योजना

न्यूज एंड नॉक ब्यूरो

रुद्रपुर। शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में नगर निगम सभागार में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें महापौर विकास शर्मा ने शहर के 100 से अधिक सेवानिवृत्त शिक्षकों को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। महापौर ने गुरुजनों से आशीर्वाद प्राप्त करते हुए उन्हें समाज की सबसे महत्वपूर्ण धरोहर बताया और रुद्रपुर के समग्र विकास में उनके ज्ञान व मार्गदर्शन का सहयोग मांगा।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि महापौर विकास शर्मा द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर महापौर ने कहा कि वे आज जिस मुकाम पर हैं, उसमें उनके गुरुजनों की शिक्षा और संस्कारों की मुख्य भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि लगभग डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में नगर निगम ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में शहर के विकास के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। नगर निगम का उद्देश्य केवल सड़क और नाली निर्माण तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि इसे एक बहुआयामी संस्था के रूप में विकसित करना है।

इसी सोच के तहत युवाओं के लिए शहर में जल्द ही ‘डिजिटल लाइब्रेरी’ स्थापित करने की योजना है, जहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को सुविधाएं और सेवानिवृत्त शिक्षकों के माध्यम से कैरियर काउंसिलिंग व मार्गदर्शन मिलेगा। इसके अलावा, युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बजाज कंपनी के साथ एमओयू के तहत प्रतिवर्ष 300 युवतियों को रोजगारपरक प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने पूर्व में की गई घोषणा को दोहराते हुए सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों को नगर निगम का ‘ब्रांड एंबेसडर’ बताया और उनसे अपने अनुभवों का लाभ शहर को देने का आग्रह किया।

समारोह के दौरान सेवानिवृत्त शिक्षकों ने महापौर की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि नगर निगम द्वारा गुरुजनों के योगदान को सम्मान देना और उन्हें शहर के विकास व युवा कल्याण से जोड़ना एक सकारात्मक सोच है। शिक्षकों ने शहर हित में अपना पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में भाजपा मंडल अध्यक्ष सुनील ठुकराल, पार्षद पवन राणा, संदीप धीर, ब्रम्हस्वरूप गंगवार सहित भारी संख्या में जनप्रतिनिधि और 100 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहीं।

 

 

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