भड़काऊ भाषण देने वाला मुफ्ती मुजीब अहमद गिरफ्तार

– एहतियातन छावनी में तब्दील हुआ था खेड़ा बस्ती

– ईद मिलादुन्नबी के जुलूस पर दिए गए बयान का वीडियो हुआ था वायरल*

– 41 के नोटिस के बहाने बुलाकर गिरफ्तारी का मुस्लिम नेताओं ने लगाया आरोप

न्यूज एंड नॉक ब्यूरो

रुद्रपुर। ईद मिलादुन्नबी पर निकाले गए जुलूसे मोहम्मदी के दौरान आखिरी तकरीर में दिए गए बयान का मामला तूल पकड़ चुका है। भाजपा नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया और कोतवाली पुलिस द्वारा दर्ज मुकदमे के बाद, शुक्रवार की देर शाम पुलिस ने आरोपी मुफ्ती मुजीब अहमद को गिरफ्तार कर लिया। शनिवार सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच उसे न्यायालय में पेश किया गया। गिरफ्तारी के बाद एहतियात के तौर पर खेड़ा बस्ती को छावनी में तब्दील कर दिया गया। पुलिस ने त्रिशूल चौक और खेड़ा बस्ती चौराहे पर स्थानीय लोगों के बयान दर्ज किए और वीडियो से जुड़े भाषण की सत्यता जानने का प्रयास किया।

मुस्लिम नेताओं का आरोप है कि शुक्रवार देर शाम रम्पुरा चौकी प्रभारी ने फोन पर वार्ता कर धारा 41 का नोटिस तामील कराने का आश्वासन दिया था। इसी आश्वासन पर स्थानीय नेता मौलाना मुजीब अहमद को चौकी लेकर पहुंचे। आरोप है कि पुलिस ने पहले पूछताछ के बहाने हिरासत में रखा और शनिवार सुबह गिरफ्तारी दिखा दी, जिससे समुदाय में आक्रोश है।

गिरफ्तारी से पहले मुफ्ती का बयान

भड़काऊ भाषण के आरोपी मौलाना मुजीब ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर सफाई दी कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। उनका कहना था कि भाषण का तात्पर्य यह था कि यदि मदरसे बंद हो जाएंगे तो निरक्षर युवा अपराध का रास्ता चुन सकते हैं। उनका मकसद सरकार या हुकूमत को चुनौती देना नहीं था।

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