पॉक्सो एक्ट के आरोप से दोषमुक्त, 10 हजार का लगाया जुर्माना
– फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाया निर्णय
न्यूज एंड नॉक ब्यूरो, रुद्रपुर। अपर सत्र न्यायाधीश/ एफटीएससी कोर्ट ने किशोरी के अपहरण के दोषी को सात साल के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत में दोषी पर 10 हजार रूपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने पॉस्को एक्ट में अभियुक्त को दोषमुक्त कर दिया।
नानकमत्ता कोतवाली में एक व्यक्ति ने 22 अप्रैल 2023 को तहरीर देकर कहा था कि उनकी 17 वर्षीय पुत्री बिना बताए लापता हो गई। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज करने के बाद विवेचना शुरू कर दी थी। इसमें पता चला कि ग्राम मूड़झाला, नानकमत्ता निवासी गुरमीत सिंह उर्फ गित्तू लड़की को ले गया था। पुलिस ने आरोपी को पकड़कर किशोरी को बरामद कर लिया था। पुलिस ने गुरमीत के खिलाफ पाक्सो और अपहरण की धारा में चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी थी। यह मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश व एफटीएससी संगीता आर्य की अदालत में चला। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता उमेश कुमार गुप्ता ने छह गवाह पेश किए थे। अदालत में साक्ष्यों और गवाहों के आधार कर गुरमीत सिंह उर्फ गित्तू को पाक्सो एक्ट में दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने अपहरण का आरोप सिद्ध होने पर गुरजीत को सात वर्ष की कारावास और 10 हजार का जुर्माने की सजा सुनाई है।

