
अदालत के आदेश का पालन करने पर बनी सहमति
न्यूज एंड नॉक ब्यूरो, रुद्रपुर। गदरपुर में ग्रीष्मकालीन धान की नर्सरी को प्रशासन की ओर से नष्ट कराने के बाद किसान आक्रोशित हैं। उन्होंने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया और डीएम के नाम ज्ञापन एडीएम कौस्तुभ मिश्रा को सौंपा। उन्होंने ग्रीष्मकालीन धान से प्रतिबंध हटाने के लिए विचार करने का अनुरोध किया है। गदरपुर विधायक अरविंद पांडेय ने कहा कि जिला प्रशासन से सहमति बन गई है कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए किसानों की मदद होगी। डीएम ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए हैं।
सोमवार को भारतीय किसान यूनियन( अराजनैतिक) से जुड़े किसानों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि जिले में किसानों के साथ जोर जबर्दस्ती की गई है। 27 फरवरी को मदनापुर में नर्सरी रौंद दी गई। रामबाग में किसानों ने प्रशासन का विरोध किया। यह सीधे किसानों के साथ अन्याय हो रहा है। पौध नष्ट करने का क्या मतलब है,यह सेंसलेस कार्य हो रहा है।
किसानों ने कहा कि ग्रीष्मकालीन धान पर प्रतिबंध से पहले जिलाधिकारी और मुख्य कृषि अधिकारी के साथ बैठकें हो चुकी हैं। इसमें सीलन वाली भूमि की प्रतिबंध से बाहर रखा गया था। इसके अलावा मक्का जिसकी नमी 25 प्रतिशत होगी उस पर कटौती कर एमएसपी पर खरीदा जाएगा। उत्तराखंड के किसानों के मक्का को प्राथमिकता के आधार पर समय से खरीदा जाएगा। साइलेज वाली मक्का की अधिक से अधिक खरीद की जाएगी। इसके अलावा छोटे किसानों को डेयरी स्थापित करने में मदद की जाएगी। फार्म मशीनरी बैंकों में साइलेज मेकिंग मशीनों को शामिल कर अधिक से अधिक समूहों या व्यक्तिगत लोगों को मशीने देकर किसानों की साइलेज बाली मक्का का उचित मूल्य दिलाना है। उन्होंने कहा कि धान तो प्रतिबंधित कर दिया है, लेकिन किसानों की इन मांगों को सौ फीसदी पूरा नहीं किया गया। जिससे मौसमी धान भी किसानों को 1600 रुपये प्रति कुंतल से 2000 प्रति कुंतल में बेचना पड़ा। इससे किसानों को 600 रुपये प्रति कुंतल के करीब आर्थिक नुकसान हुआ। इसको देखते हुए ग्रीष्मकालीन धान पर विचार करने की मांग की। इस अवसर पर अमन बाटला, अमनदीप सिंह, जगदीप सिंह सुरेंद्र सिंह जगरूप सिंह, सुरजीत सिंह बलदीप सिंह, संतोष सिंह, सज्जाद हुसैन आदि लोग मौजूद रहे।


