


डीएम के आदेश पर मैसर्स अजंता फर्टिलाइजर के खिलाफ केस दर्ज
यूरिया के 549 बैग मिले गायब, यूपी के व्यक्ति को खाद बेचने का खुलासा
न्यूज एंड नॉक ब्यूरो, रुद्रपुर। ऊधमसिंहनगर में यूरिया उर्वरक की कालाबाजारी और नियमों के उल्लंघन को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। रुद्रपुर की गल्ला मंडी स्थित मैसर्स अजंता फर्टिलाइजर के गोदाम में स्टॉक में भारी गड़बड़ी पाए जाने पर जिलाधिकारी के निर्देश के बाद मुख्य कृषि अधिकारी ने फर्म के स्वामी वैभव अरोड़ा के खिलाफ कोतवाली रुद्रपुर में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। इसके साथ ही दुकान के अभिलेखों और गोदाम को सीज कर दिया गया है।
स्टॉक से गायब मिले 549 बैग
मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. विकेश कुमार सिंह यादव ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि 28 मार्च को कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी विधि उपाध्याय और तहसीलदार रुद्रपुर की संयुक्त टीम ने मैसर्स अजंता फर्टिलाइजर का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान पता चला कि पीओएस (POS) मशीन के अनुसार फर्म के पास यूरिया के 558 बैग होने चाहिए थे, लेकिन मौके पर मात्र 09 बैग ही मिले। यानी 549 बैगों का कोई हिसाब नहीं मिला। फर्म ने दुकान पर उर्वरक का स्टॉक विवरण और मूल्य सूची भी प्रदर्शित नहीं की थी, जो फर्टिलाइजर कंट्रोल ऑर्डर (FCO) 1985 का उल्लंघन है।
दूसरे प्रदेश के व्यक्ति को बेची खाद, नियमों की उड़ाई धज्जियां
जांच में सामने आया कि फर्म स्वामी ने बिलासपुर (रामपुर, उत्तर प्रदेश) निवासी सतनाम सिंह चीमा को यूरिया के 15 बैग बेचे थे। नियमों के अनुसार, फर्म केवल ऊधमसिंहनगर के स्थानीय किसानों को ही खाद बेच सकती थी। दूसरे राज्य के व्यक्ति को खाद बेचना सीधे तौर पर कालाबाजारी की श्रेणी में आता है। प्रशासन ने निर्देश दिए थे कि एक किसान को एक बार में अधिकतम 5 बैग ही दिए जाएं, लेकिन फर्म ने इन आदेशों का भी पालन नहीं किया।
जिलाधिकारी के आदेश पर हुई एफआईआर
निरीक्षण आख्या और स्टॉक में मिली भारी अनियमितताओं के बाद जिलाधिकारी ऊधमसिंहनगर ने 29 मार्च को फर्म के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की अनुमति प्रदान की। जिसके क्रम में मुख्य कृषि अधिकारी ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर वैभव अरोड़ा (मैसर्स अजंता फर्टिलाइजर) के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करने को कहा। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

