नैनीताल बैंक के साथ 77 करोड़ की धोखाधड़ी

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कोर्ट के आदेश पर कंपनी सहित चार पर मुकदमा दर्ज

सिडकुल की कंपनी ने बैंक में बंधक मशीनें और स्टॉक किया गायब

न्यूज एंड नॉक ब्यूरो, रुद्रपुर। सिडकुल पंतनगर स्थित एक ऑटो पार्ट्स निर्माण कंपनी द्वारा नैनीताल बैंक के साथ करीब 77 करोड़ रुपये की बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। बैंक में बंधक रखी गई करोड़ों की प्लांट और मशीनरी को कंपनी के निदेशकों ने मिलीभगत कर खुर्द-बुर्द कर दिया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर थाना पंतनगर में।कम्पनी सहित चार लोगों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। 

नैनीताल बैंक, सिविल लाइंस रुद्रपुर के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक अपूर्व पाण्डेय ने न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा कि मैसर्स रुद्रा ऑटो टेक इंजीनियरिंग प्रा० लि० सिडकुल पंतनगर ने साल 2016 में बैंक से विभिन्न लोन खातों के माध्यम से लगभग 77,08,00,000 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। यह ऋण प्लांट, मशीनरी और कार्यशील पूंजी के लिए लिया गया था। लोन न चुका पाने के कारण 23 जनवरी 2019 को इन खातों को एनपीए घोषित कर दिया गया। बैंक ने रिकवरी के लिए सरफेसी एक्ट के तहत जिला मजिस्ट्रेट और नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल इलाहाबाद में वाद दायर किया, जहाँ फैसला बैंक के पक्ष में आया था।

11 जून 2024 को बैंक की टीम और ‘इंटरिम रेजोल्यूशन प्रोफेशनल’ की टीम भौतिक कब्जा लेने सिडकुल स्थित प्लॉट नंबर 42-बी पहुँची, तो वहां बैंक में बंधक रखी गई पूरी प्लांट, मशीनरी और स्टॉक वहां से गायब था। आरोप है कि कंपनी के निदेशकों ने धोखाधड़ी की नीयत से बैंक की अनुमति के बिना करोड़ों का सामान वहां से हटा दिया।

अदालत ने आरोपियों पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे। पुलिस ने कंपनी निदेशक  विशाल सिंह, निदेशका स्वीटी सिंह निवासी रामजी विहार, देवलचौड़ ट्रांसपोर्टनगर, मानपुर पश्चिम, हल्द्वानी, निदेशिका गीता शाह निवासी गंगोला मोहल्ला, अल्मोड़ा और मैसर्स रुद्रा ऑटो टेक इंजीनियरिंग प्रा० लि० पर मुकदमा दर्ज किया है।

 

 


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