जीबी पंत कृषि विवि के 29वें कुलपति बने प्रो. एसके कश्यप

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सोमवार को कार्यभार संभालते ही बैठक में आगामी योजनाओं पर की चर्चा

न्यूज एंड नाक डेस्क, रूद्रपुर। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में सोमवार को नए कुलपति (29वें) डॉ. शिवेंद्र कुमार कश्यप ने पदभार ग्रहण कर लिया है। डॉ. कश्यप के कार्यभार ग्रहण करने पर शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कर्मियों ने उनको बधाई दी।

सोमवार को राज्यपाल/कुलाधिपति ले.ज. (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह की संस्तुति पर उनके सचिव रविनाथ रामन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय पंतनगर के कुलपति के कार्य ाायित्वों के लिए अस्थाई/अंतरिम व्यवस्था संबंधी निर्गत आदेश को अतिक्रमित करते हुए उत्तर प्रदेश कृषि एवं प्रौद्योगिक विवि अधिनियम 1958 की धारा 11 की उपधारा-1 में निहित प्रावधान के तहत गठित अन्वेषण समिति की ओर से प्रस्तुत पैनल से प्रो. शिवेंद्र कुमार कश्यप (प्राध्यापक कृषि महाविद्यालय, पंतनगर) को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष अथवा 70 वर्ष की आयु पूरी होने तक अथवा अग्रेत्तर आदेश तक, जो भी पहले हो, तक की अवधि के लिए जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया जाता है।

सोमवार को कार्यभार ग्रहण करने के दौरान प्रो. कश्यप ने पत्रकारों से वार्ता में कहा कि वह इसी विवि में प्राध्यापक रहे हैं, इसलिए यहां की सभी समस्याओं से अच्छी तरह वाकिफ हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मियों, लेखा संवर्ग और किसानों की समस्याएं दूर करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।

प्रतिष्ठित शिक्षाविद हैं प्रो. कश्यप

पंतनगर। प्रो. कश्यप वर्तमान में गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के कृषि महाविद्यालय में बतौर प्राध्यापक कार्यरत हैं। वह एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद हैं, जिन्हें कृषि शिक्षा में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए आईसीएआर सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार सहित अनेक सम्मान प्राप्त हुए हैं। उन्होंने पंतनगर विश्वविद्यालय में प्रोफेसर, कृषि संचार विभागाध्यक्ष, कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता, विश्व बैंक पोषित नाहेप परियोजना के प्रधान अन्वेषक, डीएसटी एंड टेक परियोजना के पीआई सहित अनेक अन्य परियोजनाओं में महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया है। उनका चयन भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय स्तर के लीप (लीडरशिप इन एजुकेशन) कार्यक्रम के लिए किया गया। जिसके तहत उन्हें भावी शैक्षणिक नेतृत्वकर्ता के रूप में हैदराबाद विवि और ऑस्ट्रेलिया के मोनाश विवि में प्रशिक्षण प्राप्त हुआ। वर्ष 2019 से वे पंतनगर विवि में रैंकिंग टीम के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। उनके नेतृत्व में विवि ने आईसीएआर रैंकिंग में राज्य कृषि विष्वविद्यालयों में प्रथम स्थान प्राप्त किया। आईसीएआर के सर्वश्रेष्ठ संस्थान पुरस्कार सहित राष्ट्रीय स्तर पर अपनी रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार किया। उनके नेतृत्व एवं समन्वय के परिणामस्वरूप विवि ने वैश्विक रैंकिंग में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। नाहेप परियोजना के तहत उन्होंने पाँच वर्षों तक सभी महाविद्यालयों का प्रतिनिधित्व करने वाले 80 प्रतिभाशाली संकाय सदस्यों की बहुविषयक टीम का नेतृत्व किया।  उन्होंने 1500 से अधिक सॉफ्ट स्किल विकास सत्रों का निर्माण एवं क्रियान्वयन किया है, जिनमें पाठ्यक्रम निर्माण, शिक्षण कौशल, प्रशासनिक कौशल, नेतृत्व क्षमता, श्रवण कौशल, प्रबंधन संचार तथा भाषा कौशल शामिल हैं। उन्होंने 25 से अधिक पुस्तकों तथा 55 शोध पत्रों का लेखन किया है और 75 से अधिक अग्रणी अंतर्राष्ट्रीय विष्वविद्यालयों के साथ एक सशक्त संस्थागत नेटवर्क विकसित किया है।

 

तमाम उपलब्धियां तो कई चुनौतियां भी हैं सामने

पंतनगर। भारत ही नहीं एशिया के प्रमुख कृषि विवि में शुमार रहे हरित क्रांति के जनक जीबी पंत कृषि विश्वविद्यालय का स्वर्णिम इतिहास रहा है। विवि में 29वें कुलपति के रूप में नियुक्त डॉ. शिवेंद्र कुमार कश्यप के लिए विवि की रैंकिंग, घटती परियोजनाओं सहित शिक्षकों की मांगों जैसी चुनौतियों से पार पाना आसान नहीं होगा। पंत विवि में कुलपति पद के करीब 186 आवेदकों में अपनी जगह बनाने वाले विख्यात कृषि वैज्ञानिक डॉ. कश्यप को विवि में फैली कई अनियमितताओं पर अंकुश लगाते हुए शिथिल पड़ चुके शिक्षा, शोध एवं प्रसार कार्यक्रमों को गति देनी होगी। साथ ही देश के विश्वविद्यालयों की रैंकिंग में नीचे जा रहे पंत विवि को उसके पुराने स्तर पर लाना भी बड़ी चुनौती होगी।


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