


– मेडिसिटी अस्पताल में होगा लिवर और किडनी ट्रांसप्लांट
– अब 200 के बढ़कर 350 बेड का बनेगा अस्पताल
न्यूज एंड नॉक ब्यूरो
रुद्रपुर। शहर के सबसे बड़े अस्पताल द मेडिसिटी को लेकर चल रही तमाम तरह की भ्रामक खबरों और अफवाहों पर अब पूरी तरह से विराम लग गया है। अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि रुद्रपुर का यह प्रमुख अस्पताल न तो बंद हो रहा है और न ही समाप्त हो रहा है। उत्तर भारत की दूसरी सबसे बड़ी हॉस्पिटल चेन पार्क मेडी वर्ल्ड लिमिटेड (पार्क ग्रुप) ने अस्पताल में बड़ा रणनीतिक निवेश किया है। इस नए जुड़ाव के बाद अब रुद्रपुर और पूरे कुमाऊं क्षेत्र के मरीजों को इलाज के लिए दिल्ली-एनसीआर या अन्य बड़े शहरों की ओर नहीं भागना पड़ेगा।
दरअसल, सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर यह अफवाह फैलाई जा रही थी कि रुद्रपुर का द मेडिसिटी अस्पताल बिक कर समाप्त हो रहा है। अस्पताल के निदेशक ने इन सभी खबरों का पूरी तरह खंडन करते हुए कहा कि अस्पताल पहले की तरह ही पूरी मजबूती के साथ रुद्रपुर में संचालित रहेगा। पार्क ग्रुप के साथ इस साझेदारी का उद्देश्य अस्पताल को बंद करना नहीं, बल्कि इसे पहले से कहीं अधिक आधुनिक और विश्वस्तरीय बनाना है।
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मरीजों को मिलेंगी सुपर-स्पेशियलिटी सुविधाएं
प्रबंधन के अनुसार, पार्क ग्रुप के इस अस्पताल से जुड़ने के बाद यहाँ चिकित्सा सुविधाओं का भारी विस्तार किया जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, जल्द ही अस्पताल की क्षमता को 200 बेड से बढ़ाकर 350 बेड कर दिया जाएगा। इसके साथ ही अस्पताल में कई नए और एडवांस विभाग शुरू किए जा रहे हैं। इनमें अंग लिवर ट्रांसप्लांट, किडनी ट्रांसप्लांट, एडवांस कैंसर केयर और ऑन्कोलॉजी विभाग, रेडिएशन थेरेपी, स्टेम-सेल थेरेपी, जीन थेरेपी, एडवांस कार्डियक और न्यूरो सर्जरी इंफ्रास्ट्रक्चर।शामिल हैं।
प्रबंधन की अपील, भ्रामक खबरों पर न दें ध्यान
अस्पताल प्रबंधन ने अपील की है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए किसी भी प्रकार की नकारात्मक अफवाह को स्थान न दें। इस रणनीतिक विस्तार से रुद्रपुर सहित पूरे कुमाऊं क्षेत्र के मरीजों को बेहद कम दूरी पर और अपने ही शहर में विश्वस्तरीय इलाज मिल सकेगा, जो इस क्षेत्र के स्वास्थ्य ढांचे के लिए एक बड़ा कदम है।

