


– कमिश्नर दीपक रावत की अफसरों को सख्त हिदायत, खोदी गई सड़कें तुरंत सुधारें, लापरवाही बर्दाश्त नहीं
– हल्द्वानी से किच्छा तक अरबों के प्रोजेक्ट्स की समीक्षा
न्यूज एंड नॉक ब्यूरो
हल्द्वानी। कुमाऊँ कमिश्नर और मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने उत्तराखण्ड अर्बन सेक्टर डेवलपमेंट एजेंसी (यूयूएसडीए) की समीक्षा बैठक ली। बैठक में चंपावत, टनकपुर, किच्छा और हल्द्वानी में चल रही अरबों रुपये की पेयजल और सीवरेज परियोजनाओं की प्रगति का हिसाब मांगा गया। कमिश्नर ने अधिकारियों को दो टूक हिदायत दी कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की तुरंत मरम्मत की जाए ताकि जनता को परेशानी न हो।
हल्द्वानी में आईयूआईडीएच-एचडीडब्ल्यू परियोजना की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने निर्देश दिए कि अगस्त माह में ही आरटीओ रोड और काठगोदाम में बिछाई गई नई पाइपलाइन से जलापूर्ति शुरू की जाए। 39,716 घरेलू कनेक्शन का लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 21,483 कनेक्शन दिए जा चुके हैं। 436 किमी जल वितरण लाइन बिछाई जा चुकी है, 10 ट्यूबवेलों की बोरिंग पूरी हो चुकी है और 256 किमी सड़क का पुनर्निर्माण कराया जा चुका है। 122 किमी के लक्ष्य के मुकाबले 76 किमी सीवर लाइन बिछ गई है और 14.5 एमएलडी क्षमता के एसटीपी का निर्माण तेजी से जारी है।
बताया गया कि वर्ष 2055 तक चंपावत की अनुमानित 6.8 एमएलडी वाटर डिमांड को पूरा करने के लिए 240.26 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट गतिमान है। कमिश्नर ने बताया कि 109 किमी पाइपलाइन नेटवर्क में से अब तक 60% काम पूरा हो चुका है। 81 किमी पाइपलाइन की लीकेज जांच के लिए हाइड्रोटेस्टिंग की जा रही है। इसमें 1600 घरेलू कनेक्शन, 3.5 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और 18 साल का संचालन व रखरखाव (O&M) शामिल है। किच्छा में वर्ष 2055 तक 31.33 एमएलडी पानी की जरूरत पूरी करने के लिए 478.66 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। 323 किमी पाइपलाइन बिछाई जानी है, जिसमें से 201 किमी पर हाइड्रोटेस्टिंग होगी। 9,500 घरेलू कनेक्शन दिए जाएंगे। 12 ट्यूबवेल का काम पूरा हो चुका है। 5 पंप हाउसों में से 4 का निर्माण पूरा हो गया है।
कमिश्नर ने नैनीताल रोड, कालाढूंगी रोड और स्टेशन रोड के चौड़ीकरण, फुटपाथ, पार्किंग, ड्रेनेज और स्ट्रीट लाइट कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने अतिक्रमण हटाने और नालियों के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
कहा कि सभी परियोजनाओं को समयसीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। निर्माण कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खोदी गई सड़कों को तुरंत ठीक कर जनता को राहत दी जाए।

