उत्तराखंड में खिलाड़ियों को तय समय में मिलेगी आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिए अधिकारियों को निर्देश

न्यूज एंड नॉक ब्यूरो

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की बैठक के दौरान अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी सेवा में समायोजित करने की प्रक्रिया को तय समय के भीतर पूरा किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर भी कार्य योजना बनाने को कहा कि आउट ऑफ टर्न नौकरी पाने वाले अधिकांश खिलाड़ियों को खेल विभाग में ही नियुक्ति मिले।

गुरुवार को हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि केंद्र सरकार की राष्ट्रीय खेल नीति 2025 के अनुरूप ही उत्तराखंड में भी नई खेल नीति लाई जाए। गोलापार, हल्द्वानी में स्थित उत्तराखंड के पहले और देश के 10वें राज्य खेल विश्वविद्यालय में आगामी महीने से सत्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। स्टेडियम में प्रवेश प्रक्रिया, कोच, कर्मचारी और अधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया है। इस विश्वविद्यालय में 8 लेन एथलीट ट्रैक, शूटिंग रेंज, फुटबॉल और हॉकी मैदान सहित कुल 39 अवसंरचना घटकों का विकास किया जा रहा है।

एक ब्लॉक एक मिनी स्टेडियम योजना के तहत निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में बताया गया कि अब तक कुल 48 मिनी स्टेडियम बनाए जा चुके हैं, 10 पर काम चल रहा है और बाकी के लिए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज देहरादून, हल्द्वानी गोलापार स्टेडियम, रुद्रपुर वेलोड्रोम, टिहरी झील, हरिद्वार और पिथौरागढ़ स्टेडियमों में विकसित सुविधाओं को खिलाड़ियों के लिए और उपयोगी बनाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही 38वें राष्ट्रीय खेलों के दौरान तैयार किए गए बुनियादी ढांचे के रख-रखाव के लिए कार्य योजना बनाने को कहा गया।लोहाघाट में भारत के पहले महिला आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेज का काम तेजी से चल रहा है। इसके संचालन के लिए 16 पद सृजित किए गए हैं और प्रवेश प्रक्रिया जारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 39वें राष्ट्रीय खेल 2027 को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों को विभिन्न विधाओं में विशेष प्रशिक्षण देने के लिए शिविर शुरू किए जाएं। विभिन्न खेल संघों के साथ मिलकर खिलाड़ियों के चयन और चिन्हीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने संकल्प जताया कि आगामी राष्ट्रीय खेलों में बेहतर प्रदर्शन कर देवभूमि को खेलभूमि के रूप में स्थापित किया जाएगा। सभी जनपदों में निर्धारित खेलों के लिए कोचिंग, प्रतिभा पहचान और प्रतिस्पर्धा विकसित की जाएगी। प्रत्येक जिला खेल छात्रावास को उस जनपद के निर्धारित खेल के लिए खेल नर्सरी के रूप में विकसित किया जाएगा।

बैठक में बताया गया कि अब तक कुल 29 मेडल धारक खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी में समायोजित किया जा चुका है। एक ब्लॉक एक मिनी स्टेडियम’ के तहत 48 मिनी स्टेडियम बनकर तैयार हैं। बैठक में खेल मंत्री रेखा आर्या, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, निदेशक खेल दीप्ति सिंह सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

 


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