– कार्यकर्ताओं ने कहा-अंकिता को न्याय मिलने तक जारी रहेगी लड़ाई
– सिक्किम बंद के आह्वान का किया स्वागत, उत्तराखंड में भी बंद का आह्वान करने की अपील
न्यूज एंड नॉक ब्यूरो
रुद्रपुर। अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर सीबीआई जांच पूरी होने से पहले दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के विरोध में उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) ने भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। शनिवार को गांधी पार्क में उक्रांद पदाधिकारियों और समर्थकों ने सरकार का पुतला दहन कर अपना आक्रोश जताया। कार्यकर्ताओं ने अंकिता को न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया।
उक्रांद के केंद्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर प्रदेशभर में पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया। रुद्रपुर में प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने सिक्किम में 19 अक्टूबर को प्रस्तावित बंद के आह्वान का स्वागत किया। उन्होंने उत्तराखंड की जनता से भी इस मामले में एकजुट होकर आवाज उठाने और बंद का आह्वान करने की अपील की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह केवल एक परिवार की बेटी के साथ अन्याय का मामला नहीं है, बल्कि पूरे देश की बेटियों के सम्मान और न्याय से जुड़ा सवाल है।
उक्रांद के केंद्रीय उपाध्यक्ष आनंद सिंह असगोला ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी में अच्छे राजनीतिक चेहरों की कमी है, इसलिए ऐसे व्यक्ति को संवैधानिक पद पर बैठाया गया है, जिसको लेकर अंकिता भंडारी हत्याकांड में सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय सुनिश्चित होना चाहिए।
प्रदर्शन में शामिल महिला पदाधिकारियों ने भी दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि एक ओर नवरात्र में कन्या पूजन कर महिलाओं के सम्मान की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर अंकिता प्रकरण को लेकर उठ रहे सवालों के बीच इस तरह की नियुक्ति महिलाओं के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जब तक अंकिता को न्याय नहीं मिलता, तब तक विरोध की चिंगारियां सुलगती रहेंगी।
पुतला दहन कार्यक्रम में उक्रांद की केंद्रीय सर्वोच्च सलाहकार समिति के सदस्य एमसी पांडे, केंद्रीय उपाध्यक्ष आनंद सिंह असगोला, जिलाध्यक्ष जीवन सिंह नेगी, महामंत्री भानू मेहरा, महिला जिलाध्यक्ष कांति भाकुनी, महामंत्री इंदु बोरा, युवा अध्यक्ष रोशन बिष्ट, मुकुल रावत, ईश्वर दानू, योगेश जोशी, बबीता बोरा, जानकी जोशी, कृष राणा, अनूप गंगवार, राजकुमार ओझा, देवानंद, विकास यादव, मोहित दानू, सोनू, संजू और रितेश सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।




