चौंकाने वाला फैसला! कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला लेंगे वीआरएस

– कई महीनों के चिंतन के बाद लिया निर्णय, फेसबुक पोस्ट के जरिए दी जानकारी

– व्यक्तिगत कारणों का किया जिक्र, वन विभाग ने हलचल

न्यूज एंड नॉक ब्यूरो

रामनगर। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक और युवा आईएफएस अधिकारी डॉ. साकेत बडोला ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने का फैसला कर सबको चौंका दिया है। प्रतिष्ठित भारतीय वन सेवा में रहते हुए वन्यजीव संरक्षण की जिम्मेदारी निभा रहे बडोला ने फेसबुक पोस्ट के जरिए अपने निर्णय की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि कई महीनों के गहन चिंतन के बाद व्यक्तिगत कारणों से यह फैसला लिया है।

उत्तराखंड के पौड़ी जिले के एक साधारण परिवार से निकलकर अखिल भारतीय सेवा तक पहुंचने के सफर को बडोला ने अपने लिए सपने के सच होने जैसा बताया। अपने सेवाकाल को संतोषजनक बताते हुए उन्होंने जनता की सेवा, प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण में योगदान देने के अवसरों के प्रति आभार जताया। उनकी पोस्ट में पद से ज्यादा सेवा और जिम्मेदारी का भाव दिखाई देता है। बडोला ने सरकारों, सहकर्मियों, वन विभाग के कर्मचारियों, परिवार, मित्रों और आम जनता के सहयोग को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी पूरी सेवा अवधि में सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास किया। उन्होंने भविष्य में भी राष्ट्र निर्माण में योगदान देते रहने की इच्छा जताई।

फैसले की वजह पर अटकलों से परहेज

बडोला ने अपने संदेश में सेवानिवृत्ति के पीछे व्यक्तिगत कारणों का उल्लेख किया है। उन्होंने किसी विवाद या विभागीय असंतोष की बात नहीं कही है। ऐसे में उनके निर्णय को किसी अन्य घटनाक्रम से जोड़ना उचित नहीं होगा। फिलहाल उन्होंने अपनी भावी योजनाओं का खुलासा भी नहीं किया है। कॉर्बेट जैसे प्रतिष्ठित बाघ संरक्षण क्षेत्र की जिम्मेदारी संभाल रहे वरिष्ठ अधिकारी के इस फैसले ने उनके अगले कदम को लेकर उत्सुकता बढ़ा दी है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि वन सेवा से अलग होने के बाद वह किस भूमिका में नजर आते हैं।

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