


कोर्ट के आदेश पर दो के खिलाफ मुकदमा
न्यूज एंड नॉक ब्यूरो
रुद्रपुर। कार की खरीद-फरोख्त के नाम पर धोखाधड़ी और अमानत में खयानत का मामला सामने आया है। पीड़ित की कार को परिवार में दिखाने के बहाने ले गए एक शख्स ने न तो गाड़ी वापस की और न ही पैसे दिए, बल्कि बिना मालिक की सहमति के कार को किसी तीसरे व्यक्ति को बेच दिया। पुलिस में सुनवाई न होने के बाद पीड़ित ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया, जिसके बाद अब पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
गांधी कॉलोनी, वार्ड नंबर 10, रुद्रपुर के रहने वाले जावेद खान ने अपनी कार रजिस्ट्रेशन नंबर यूके 15ए 9343 बेचने की बात कही थी। इसी दौरान आरोपी करन ढाली निवासी बगवाड़ा मंडी, रुद्रपुर ने उसे से संपर्क किया और 26 अक्टूबर 2024 को यह कहकर कार ले गया कि वह इसे अपने परिवार के लोगों को दिखाना चाहता है।
आरोप है कि कार ले जाने के बाद महीनों बीत जाने पर भी आरोपी करन ने न तो कार लौटाई और न ही कोई भुगतान किया। बार-बार तकादा करने पर करन ढाली ने पीड़ित को बताया कि उसने यह कार सामिया लेक सिटी (गदरपुर रोड) निवासी चिराग अरोरा को तीन लाख रुपये में बेचने का सौदा कर लिया है और कार के पैसे अब चिराग अरोरा ही देगा।पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने चिराग अरोरा से अपने पैसे या कार वापस मांगी तो उसने पैसे देने से साफ इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, जब पीड़ित अपनी कार मांगने उसके पास गए, तो उनके साथ गाली-गलौच की गई और जान से मारने की धमकी दी गई।
पीड़ित ने कहा कि कार का बीमा सितंबर 2025 में ही समाप्त हो चुका है और गाड़ी का फास्टैग भी अभी तक उन्हीं के नाम पर रजिस्टर्ड है। ऐसे में आरोपियों द्वारा इस वाहन का अवैध रूप से इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे भविष्य में किसी भी हादसे या आपराधिक गतिविधि की स्थिति में वाहन स्वामी के फंसने का बड़ा खतरा बना हुआ है।
पीड़ित जावेद खान ने पहले कोतवाली पुलिस और फिर तीन सितंबर 2025 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से भी न्याय की गुहार लगाई थी। जब पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो पीड़ित ने अपने अधिवक्ता साकेत कुमार के माध्यम से धारा 175(3) BNSS के तहत सीजेएम कोर्ट में प्रकीर्ण प्रार्थना पत्र दायर किया। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

