


बेटी को बचाने के बजाय पीटने वाली कलयुगी मां को भी सजा
न्यूज एंड नॉक ब्यूरो
रुद्रपुर। विशेष पॉक्सो अदालत ने रिश्तों को तार-तार करने वाले एक जघन्य मामले में कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने अपनी ही सौतेली नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म करने वाले कलयुगी पिता को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा और 25 हजार रूपये का अर्थदंड लगाया है। इस घिनौने अपराध में अपनी बेटी की मदद के बजाय उसके साथ मारपीट करने वाली दोषी मां को भी अदालत ने एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने पीड़िता को राज्य सरकार की ओर से दो लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश जारी किया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, वर्ष 2022 में काशीपुर में पीड़िता के सगे पिता की मृत्यु के बाद उसकी मां ने संजय नाम के व्यक्ति से दूसरा विवाह किया था। आरोप है कि सौतेला पिता घर में अकेले मिलने पर लगातार नाबालिग का यौन शोषण करता था। इस घिनौनी वारदात का खुलासा तब हुआ जब एक दिन पीड़िता की मां अचानक घर पहुंच गई और उसने आरोपी को रंगे हाथों देख लिया। जब डरी-सहमी पीड़िता ने रोते हुए अपनी मां को पूरी आपबीती बताई, तो मां ने रक्षक बनने के बजाय भक्षक का साथ दिया। उसने अपनी ही बेटी की बेरहमी से पिटाई कर दी और मामले को दबाने का प्रयास किया। मामला संज्ञान में आने पर सखी वन स्टॉप सेंटर की एडमिनिस्ट्रेटर कविता बडोला की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर थाना काशीपुर में यह मुकदमा दर्ज किया गया था।
अदालत में मामले की पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक राहुल गौतम ने चिकित्सा साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अभियोजन पक्ष को बेहद मजबूती से प्रस्तुत किया। मेडिकल रिपोर्ट में पीड़िता के शरीर पर चोटों और गंभीर यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई। बचाव पक्ष की ओर से इस मामले को झूठा बताने की कोशिश की गई, लेकिन अदालत ने उनके तमाम तर्कों को सिरे से खारिज कर दिया। दोषी पाए जाने पर अदालत ने सजा सुनाई।

