


MDTSS और ई-रवाना प्रोजेक्ट्स ने मारी बाजी
न्यूज एंड नॉक ब्यूरो, नई दिल्ली। उत्तराखंड के खनन विभाग ने राष्ट्रीय पटल पर अपनी सफलता का परचम लहराया है। विभाग के दो क्रांतिकारी प्रोजेक्ट्स— MDTSS (माइनिंग डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन एंड सर्विलांस सिस्टम) और ई-रवाना सिक्योरिटी पेपर को प्रतिष्ठित SKOCH Award (GOLD) से सम्मानित किया गया है।
शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में स्कॉच ग्रुप के चेयरमैन श्री समीर कोचर ने यह सम्मान प्रदान किया। उत्तराखंड की ओर से भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय के निदेशक श्री राजपाल लेघा ने यह गौरवशाली पुरस्कार ग्रहण किया।
मुख्यमंत्री के विजन से बदला खनन का स्वरूप
विभाग की इस उपलब्धि का श्रेय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन को दिया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार खनिज नीतियों के सरलीकरण और डिजिटल तकनीक के समावेश से न केवल अवैध खनन और परिवहन पर प्रभावी रोक लगी है, बल्कि राज्य के राजस्व में भी करीब 4 गुना की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है।
क्या है MDTSS और क्यों मिला सम्मान?
अवैध खनन को रोकने के लिए विभाग ने 4 मैदानी जिलों में 45 मानवरहित ई-चेक गेट (Unmanned e-check gates) स्थापित किए हैं। ये गेट वेरीफोकल कैमरा, ANPR कैमरा, RFID टैग और LED फ्लड लाइट जैसी आधुनिक तकनीकों से लैस हैं। इसके साथ ही मोबाइल ऐप और डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (DSS) के जरिए पारदर्शी निगरानी सुनिश्चित की जा रही है।
ई-रवाना: डुप्लीकेसी पर लगाम
राजस्व की चोरी रोकने के लिए विभाग ने साधारण पेपर की जगह विशेष सिक्योरिटी फीचर युक्त कागज पर ई-रवाना प्रिंट करने की व्यवस्था लागू की है। इसकी नकल (Duplicacy) करना असंभव है, जिससे वैध खनन को बढ़ावा मिला है और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है।

