मैं हूँ उज्याडू बल्द’: दिनेश अग्रवाल के कटाक्ष पर हरीश रावत का तीखा पलटवार

Share News

हरदा का खुलासा, मयूख महर का हक मारकर दिनेश अग्रवाल को बनाया था मंत्री

न्यूज एंड नॉक ब्यूरो, देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति के ‘चाणक्य’ कहे जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर अपनी एक पोस्ट से सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। भाजपा नेता और पूर्व मंत्री दिनेश अग्रवाल द्वारा उन्हें ‘उज्याडू बल्द’ (फसल बर्बाद करने वाला सांड) कहे जाने पर रावत ने न केवल इस संबोधन को स्वीकार किया, बल्कि एक पुराना किस्सा सुनाकर अग्रवाल पर तंज भी कसा।

हरीश रावत ने अपनी फेसबुक पोस्ट में 2012 के उस दौर को याद किया जब विजय बहुगुणा सरकार में मंत्रिमंडल का गठन हो रहा था। रावत ने स्वीकार किया कि उस समय उन्होंने ‘उज्याडू बल्द’ जैसी ही भूमिका निभाई थी, लेकिन इसका नुकसान कांग्रेस को और फायदा दिनेश अग्रवाल को हुआ था।

उन्होंने लिखा कि उस समय हक और परिस्थितियां पिथौरागढ़ के विधायक मयूख महर को मंत्री बनाने के पक्ष में थीं। लेकिन उन्होंने पार्टी पर दबाव बनाया कि मयूख महर की जगह दिनेश अग्रवाल को कैबिनेट मंत्री बनाया जाए और मयूख को योजना आयोग का उपाध्यक्ष (कैबिनेट रैंक) बनाया जाए। यदि उन्होंने उस समय दिनेश अग्रवाल की पैरवी न की होती, तो शायद आज अग्रवाल को लोकसभा चुनाव के वक्त कांग्रेस छोड़कर भाजपा में न जाना पड़ता।

मोथरोवाला’ कनेक्शन पर तंज

हरदा ने दिनेश अग्रवाल के कांग्रेस छोड़ने के फैसले के पीछे ‘मोथरोवाला’ (अग्रवाल का निवास क्षेत्र/प्रभाव वाला क्षेत्र) के योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि  न वो मंत्री बनते, न मोथरोवाला होता और न उनको कांग्रेस छोड़नी पड़ती। मेरे उस निर्णय ने पिथौरागढ़ में भी कांग्रेस का संतुलन बिगाड़ा।

भाजपा पर भी साधा निशाना

हरीश रावत ने लिखा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि उनके कारण उनके कुछ पुराने दोस्त आज भाजपा में ‘प्रासंगिक’ बने हुए हैं। उन्होंने तंज कसा कि जब भी भाजपा को उनके खिलाफ कुछ कहलवाना होता है, तो वह इन्हीं नेताओं का उपयोग करती है।

क्या है ‘उज्याडू बल्द’ का मतलब?

उत्तराखंड की स्थानीय बोली में ‘उज्याडू बल्द’ उस बैल को कहा जाता है जो दूसरों के खेतों में घुसकर लहलहाती फसल को बर्बाद कर देता है। दिनेश अग्रवाल ने रावत पर कांग्रेस को नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाते हुए यह शब्द इस्तेमाल किया था, जिसे रावत ने चतुराई से मोड़कर खुद को एक ऐसा ‘त्यागी’ नेता दिखा दिया जिसने दूसरों के लिए अपने करीबियों का हक मारा।


Share News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *