


बरेली से है कनेक्शन, कॉपीराइटस का बताया जा रहा मास्टरमाइंड
न्यूज एंड नॉक ब्यूरो, रुद्रपुर। एनसीईआरटी की फर्जी किताबों के मामले में पुलिस ने पहली गिरफ्तारी की है। गिरफ्तार अभियुक्त किताबों के कवर छपाई के साथ ही उसे गोदामों में खपाता था। पुलिस ने अभियुक्त को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
दरअसल, 16 मार्च की रात कोतवाली पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर एनसीईआरटी की किताबों भरा ट्रक पकड़ा था। चालक से पूछताछ के बाद पुलिस ने कीरतपुर कोलडा गांव में स्थित एक गोदाम में छापा मारा तो वहां पर नकली एनसीईआरटी किताबों का भारी जखीरा बरामद हुआ था। 17 मार्च को दिल्ली से आई एनसीईआरटी की टीम ने गोदाम में बरामद किताबों के नकली होने की पुष्टि की। शासन की ओर से गोदाम में किताबों को रखने की अनुमति नहीं थी। सहायक उत्पादन अधिकारी एनसीईआरटी के दीपक कुमार की तहरीर पर पुलिस ने हरार हर्रा, मेरठ निवासी संदीप कुमार,गोदाम स्वामी राजेश कुमार जैन, शाहरुख के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
एसएसपी अजय गणपति कुंभार ने एसआईटी गठित कर एसपी सिटी को उसका प्रभारी बनाते हुए कोतवाल मनोज रतुडी को जांच अधिकारी नियुक्त किया था।
पुलिस जांच में नफीस खान उर्फ राजू निवासी बनवारीपुर मीरपुर थाना रोहटा मेरठ का नाम सामने आया था। तीन अप्रैल की शाम को मिली सूचना के आधार पर कोतवाली पुलिस की एसआईटी ने कोतवाली इलाके से अभियुक्त नफीस को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली है। पुलिस अन्य अभियुक्तों की तलाश कर रही है।

