


कांग्रेस का महिला विरोधी चेहरा हुआ बेनकाब
न्यूज एंड नॉक ब्यूरो, रुद्रपुर। महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) के संसद में पारित न हो पाने पर महापौर विकास शर्मा ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने विपक्षी दलों के इस रुख को देश की ‘आधी आबादी’ के अधिकारों का हनन करार देते हुए गहरा रोष व्यक्त किया है।
उन्होंने बयान जारी कर कहा कि 18 अप्रैल का दिन इतिहास में विपक्ष की उस वैचारिक हार के रूप में दर्ज होगा, जहाँ उन्होंने अपनी हताशा में महिलाओं के अधिकारों की बलि चढ़ा दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प था कि नए भारत की संसद में मातृशक्ति केवल नीति निर्धारण का हिस्सा न बने, बल्कि नेतृत्वकारी भूमिका में हो। लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने जिस तरह सदन में इस विधेयक का विरोध किया, वह देश की हर स्वाभिमानी महिला का अपमान है।
उन्होंने कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि दशकों तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस ने कभी महिलाओं को उनका वाजिब हक देने की ईमानदारी नहीं दिखाई। उनके अनुसार जब मोदी सरकार ने साहस के साथ बिल पेश किया, तो कांग्रेस ने परिसीमन और तकनीकी बहाने बनाकर रोड़े अटकाए। विपक्ष की साजिशें दर्शाती हैं कि उन्हें नारी शक्ति के उत्थान से ज्यादा सरोकार अपने परिवारवाद और तुष्टिकरण की राजनीति से है। सदन में विपक्ष द्वारा दिखाया गया व्यवहार उनकी जीत नहीं, बल्कि उनके नैतिक पतन का प्रमाण है।
महापौर ने स्पष्ट किया कि अब भाजपा का एक-एक कार्यकर्ता इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा महिलाओं के सम्मान के लिए बिछाई गई बिसात में खुद को फंसा लिया है।

