


आयुक्त गढ़वाल ने केदारनाथ यात्रा को लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश
अफवाहों पर तत्काल एक्शन लेने के आदेश
न्यूज एंड नॉक डेस्क, रुद्रप्रयाग। आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडेय और आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने जिला कार्यालय सभागार में श्री केदारनाथ धाम यात्रा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सोमवार को हुई समीक्षा बैठक में निर्णय लिया गया कि सुरक्षा कारणों से रात 10 बजे से सुबह चार बजे तक यात्रा मार्ग पर वाहनों और पैदल आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। केवल आवश्यक सेवाओं को छूट मिलेगी। सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलाई जा रही अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए संबंधित विभागों को तत्काल अपना पक्ष (खंडन) जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। 18 किमी के पैदल मार्ग पर शौचालयों की रेंडम चेकिंग होगी। हर शौचालय पर पर्याप्त पानी, सफाई सामग्री और सफाई कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है। टिकटों की कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित दरों से अधिक वसूली पर संबंधित कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। केदारनाथ धाम में फायर सेफ्टी उपकरणों के लिए पुलिस अधीक्षक को पांच लाख की धनराशि आवंटित की गई है।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने यात्रा की वर्तमान स्थिति का ब्यौरा पेश किया। बताया कि तीन लाख से अधिक भक्तों ने अब तक बाबा के दर्शन किए। 31 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को चिकित्सा सहायता प्रदान की गई। 11 हजार से अधिक यात्रियों ने हवाई सेवा का लाभ लिया। आठ हजार से अधिक घोड़ा-खच्चरों का पंजीकरण एवं बीमा किया गया
है। मानकों के उल्लंघन पर कई संचालकों को ब्लैकलिस्ट किया गया है।
केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने तुना-बौंठा मोटर मार्ग का डामरीकरण, तुंगनाथ-चोपता में पार्किंग का निर्माण, मुख्य मार्गों पर साइन बोर्ड लगाने की बात की। जिलाधिकारी ने एक सप्ताह में कार्य पूर्ण करने का आश्वासन दिया।
आयुक्त गढ़वाल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि धाम में किसी भी प्रकार के वीआईपी दर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही, खराब मौसम की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा के लिए यात्रा को दो से तीन घंटे रोकने का अधिकार जिला प्रशासन को दिया गया है। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर, सीडीओ राजेंद्र सिंह रावत सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारी और व्यापार मंडल के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

