


1500 रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को मिलेगा स्वच्छता का पाठ
न्यूज एंड नॉक डेस्क
रुद्रपुर। राज्य में खाद्य सुरक्षा के स्तर को बेहतर बनाने और आम जनता को सेहतमंद खान-पान उपलब्ध कराने के लिए एक बड़ी पहल की गई है। हरिद्वार में हुए कार्यक्रम मेंउत्तराखंड के खाद्य एवं औषधि प्रशासन, राष्ट्रीय रेहड़ी-पटरी विक्रेता संघ और नेस्ले इंडिया ने मिलकर राज्य में सर्व सेफ फूड (सबको सुरक्षित भोजन) परियोजना के विस्तार की घोषणा की है।
नेस्ले इंडिया के निरंतरता और सामाजिक पहलों के प्रमुख कुंवर हिम्मत सिंह ने कहा कि हम केवल अपने उत्पादों तक सीमित न रहकर पूरे देश में खाद्य सुरक्षा मानकों को सुधारने के लिए काम कर रहे हैं। इस परियोजना के माध्यम से हम विक्रेताओं को स्वच्छता का व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर उनके कौशल और जागरूकता को मजबूत करते हैं। हमें विश्वास है कि इस विस्तार से उनके व्यवहार में स्थायी बदलाव आएगा और उनके व्यवसाय की प्रगति होगी।
इस परियोजना का विस्तार अब राज्य के 8 जिलों में किया जा रहा है। इसके तहत देहरादून, हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पौड़ी गढ़वाल और टिहरी गढ़वाल सहित अन्य क्षेत्रों के 1500 रेहड़ी-पटरी खाद्य विक्रेताओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस नए चरण के बाद राज्य में प्रशिक्षित होने वाले कुल विक्रेताओं की संख्या 5,900 से अधिक हो जाएगी।
कार्यक्रम में खाद्य एवं औषधि प्रशासन के उपायुक्त गणेश कंडवाल, अपर आयुक्त ताजबर सिंह, हरिद्वार के सहायक आयुक्त एम. एन. जोशी, हरिद्वार के मुख्य चिकित्सा अधिकारी आरके सिंह और नेस्ले इंडिया के पंतनगर कारखाने के प्रबंधक अमित दुग्गल उपस्थित थे।
प्रशिक्षण में सिखाया जाएगा सुरक्षित खाद्य प्रबंधन
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रेहड़ी-पटरी पर दुकान लगाने वाले भाई-बहनों को खाद्य प्रबंधन के जरूरी तौर-तरीके सिखाना है। इसके तहत भोजन बनाते और परोसते समय साफ-सफाई रखना, खाद्य पदार्थों को दूषित होने से बचाना। दुकान के आसपास सफाई रखना और कचरे का सही प्रबंधन करना है। इसके साथ ही अपने छोटे व्यवसाय को बेहतर और टिकाऊ बनाना।
एक लाख 20 हजार विक्रेता देशभर में हो चुके प्रभावित
इस परियोजना से अब तक देश के 27 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों में 1,20,000 से अधिक विक्रेता लाभान्वित हो चुके हैं। इसकी शुरुआत वर्ष 2016 में हुई थी और अब तक असम, बिहार, दिल्ली, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सहित देश के कोने-कोने में इसे चलाया जा चुका है।

